{"_id":"5b76feac42c7924653268c7a","slug":"153452509117-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोनिवि के पुराने भवन पर शिफ्ट हुआ स्वजल विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोनिवि के पुराने भवन पर शिफ्ट हुआ स्वजल विभाग
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। भूस्खलन से स्वजल परियोजना कार्यालय को खतरा होने पर कार्यालय लोनिवि के पुराने भवन पर शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से दो आवासीय भवनों को खाली करवा दिया गया है। अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों ने भूस्खलन क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने और इसकी जांच की मांग जिला प्रशासन से की।
13 अगस्त की रात को भारी बारिश के दौरान जिला चिकित्सालय के आवासीय भवनों के आगे से बीस मीटर पुस्ता भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया था। अभी भी यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। स्वजल परियोजना का कार्यालय भवन भी इसकी चपेट में आने से कार्यालय को लोनिवि के पुराने भवन पर शिफ्ट कर दिया गया है। सीएमएस डा. शैलेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल परिसर के ठीक नीचे एक व्यक्ति की ओर से पिछले आठ माह से निर्माण कार्य किया जा रहा है। कई बार तहसील प्रशासन को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिससे अब भूस्खलन होने से आवासीय भवनों सहित अस्पताल भवन को भी खतरा हो गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यहां हो रहे निर्माण कार्य की जांच करवाई जाएगी।
13 अगस्त की रात को भारी बारिश के दौरान जिला चिकित्सालय के आवासीय भवनों के आगे से बीस मीटर पुस्ता भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया था। अभी भी यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। स्वजल परियोजना का कार्यालय भवन भी इसकी चपेट में आने से कार्यालय को लोनिवि के पुराने भवन पर शिफ्ट कर दिया गया है। सीएमएस डा. शैलेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल परिसर के ठीक नीचे एक व्यक्ति की ओर से पिछले आठ माह से निर्माण कार्य किया जा रहा है। कई बार तहसील प्रशासन को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिससे अब भूस्खलन होने से आवासीय भवनों सहित अस्पताल भवन को भी खतरा हो गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यहां हो रहे निर्माण कार्य की जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन