{"_id":"5b5cd52f4f1c1b49778b4e9d","slug":"153281053813-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों को संकट से बचाने खाली हाथ पहुंची टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों को संकट से बचाने खाली हाथ पहुंची टीम
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
बरसात में शहर और ग्रामीण आबादी को संकट से बचाने के लिए प्रशासन और पुलिस कितनी सतर्क और संसाधन युक्त है, इसकी बानगी शनिवार को गौहरीमाफी ग्रामसभा में सौंग नदी की जलधारा में आए उफान के बाद सामने आई। जलधारा में बाढ़ आने पर खौफजदा ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन बचाव के सुरक्षा उपकरणों के बिना ही अधिकारी गांव पहुंच गए। नायब तहसीलदार को फोन कर रायवाला थाने से पुलिसकर्मी को मौके पर बुलाना पड़ा।
शनिवार दोपहर सौंग नदी की गांव में आ रही जलधारा का तटबंध टूटने से उसमें उफान आ गया। जलधारा का पानी बढ़ा, तो गांव की आधी आबादी को जोड़ने वाली पुलिया उसमें डूब गई। उफान गांव की तरफ बढ़ता देख स्थानीय ग्रामीण डर गए। उन्होंने जानमाल की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलने पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार केडी जोशी को गांव के लिए रवाना किया। नायब तहसीलदार टीम के साथ गांव में पहुंचे, लेकिन वह किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण साथ नहीं ले गए। गांव पहुंचने पर पता चला कि स्थानीय पुलिस का कुछ अता-पता ही नहीं है, जिसके बाद उन्होंने रायवाला थाना पुलिस से संपर्क किया।
पुलिया को पार करने के फेर में जानमाल की हानि न हो, इसके लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती गांव में करने को कहा। खास बात यह है कि प्रशासन ने मानसून आने से पूर्व तमाम विभागों को आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा था, लेकिन क्षेत्र में बारिश के बाद आई बाढ़ में ही सतर्कता और सुरक्षा के इंतजामों की पोल खुल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरसात में शहर और ग्रामीण आबादी को संकट से बचाने के लिए प्रशासन और पुलिस कितनी सतर्क और संसाधन युक्त है, इसकी बानगी शनिवार को गौहरीमाफी ग्रामसभा में सौंग नदी की जलधारा में आए उफान के बाद सामने आई। जलधारा में बाढ़ आने पर खौफजदा ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन बचाव के सुरक्षा उपकरणों के बिना ही अधिकारी गांव पहुंच गए। नायब तहसीलदार को फोन कर रायवाला थाने से पुलिसकर्मी को मौके पर बुलाना पड़ा।
शनिवार दोपहर सौंग नदी की गांव में आ रही जलधारा का तटबंध टूटने से उसमें उफान आ गया। जलधारा का पानी बढ़ा, तो गांव की आधी आबादी को जोड़ने वाली पुलिया उसमें डूब गई। उफान गांव की तरफ बढ़ता देख स्थानीय ग्रामीण डर गए। उन्होंने जानमाल की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलने पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार केडी जोशी को गांव के लिए रवाना किया। नायब तहसीलदार टीम के साथ गांव में पहुंचे, लेकिन वह किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण साथ नहीं ले गए। गांव पहुंचने पर पता चला कि स्थानीय पुलिस का कुछ अता-पता ही नहीं है, जिसके बाद उन्होंने रायवाला थाना पुलिस से संपर्क किया।
विज्ञापन
पुलिया को पार करने के फेर में जानमाल की हानि न हो, इसके लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती गांव में करने को कहा। खास बात यह है कि प्रशासन ने मानसून आने से पूर्व तमाम विभागों को आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा था, लेकिन क्षेत्र में बारिश के बाद आई बाढ़ में ही सतर्कता और सुरक्षा के इंतजामों की पोल खुल गई।
विज्ञापन