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जर्जर स्थिति में है राजकीय प्राथमिक विद्यालय रणकंडियाल का भवन
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:28 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रणकंडियाल का भवन जर्जर होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। छत से जहां प्लास्टर गिरने लगा है, वहीं बारिश में छत टपकने से छात्र-छात्राओं को बैठने में दिक्कत हो रही है।
विकास खंड कीर्तिनगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रणकंडियाल के जर्जर भवन को नव निर्माण के लिए बजट नहीं मिल पाया है, जिससे अध्ययनरत छात्रों को समस्या से जूझना पड़ रहा है। प्रधान अंजली जसयारी ने बताया कि विद्यालय में 16 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जर्जर भवन के नव निर्माण के लिए विगत चार सालों से शासन-प्रशासन व विभाग से मांग की जा रही है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। विद्यालय में बने दो शौचालयों में से एक ही सही स्थिति में है। प्रधान ने शासन-प्रशासन व विभाग से शीघ्र विद्यालय भवन निर्माण के लिए बजट की मांग की है। खंड शिक्षाधिकारी डा. सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विभाग सहित जिला योजना व आपदा मद में प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृत होने पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर संचालित किए जाने के लिए भी भवन की तलाश की जा रही है।
विकास खंड कीर्तिनगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रणकंडियाल के जर्जर भवन को नव निर्माण के लिए बजट नहीं मिल पाया है, जिससे अध्ययनरत छात्रों को समस्या से जूझना पड़ रहा है। प्रधान अंजली जसयारी ने बताया कि विद्यालय में 16 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जर्जर भवन के नव निर्माण के लिए विगत चार सालों से शासन-प्रशासन व विभाग से मांग की जा रही है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। विद्यालय में बने दो शौचालयों में से एक ही सही स्थिति में है। प्रधान ने शासन-प्रशासन व विभाग से शीघ्र विद्यालय भवन निर्माण के लिए बजट की मांग की है। खंड शिक्षाधिकारी डा. सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विभाग सहित जिला योजना व आपदा मद में प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृत होने पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर संचालित किए जाने के लिए भी भवन की तलाश की जा रही है।
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