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चट्टान टूटने से अवरुद्ध हुई निजमूला घाटी के गांवों की लाइफ लाइन-compat
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। बिरही-निजमूला मार्ग के अवरुद्ध होने से दस गांवों की करीब चार हजार की आबादी अपने गांवों में ही कैद होकर रह गई है। भारी बारिश से मार्ग पर चट्टान टूटने से मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और पैदल रास्ते भी बंद हो गए हैं।
रविवार शाम छह बजे निजमूला सड़क अवरुद्ध हो गई थी। यह सड़क गौंणा, तड़ागताल, धारकुमाला, पठेला, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, झींझी और सिरमूला गांव के ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र साधन है। सोमवार को ग्रामीण लंबी दूरी पैदल नापकर अपने गंतव्य को पहुंचे। 15 जुलाई से क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग का पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीण जंगल के रास्ते आवाजाही कर रहे हैं। तड़ागताल, पठेला, धारकुमाला और सिरमूला गांव के छात्र-छात्राएं इंटर स्तर की पढ़ाई के लिए जीआईसी गौणा पहुंचते हैं, लेकिन सड़क और पैदल मार्ग अवरुद्ध होने से सोमवार को छात्र भी विद्यालय तक नहीं पहुंच पाए। प्राथमिक और जूनियर स्तर के विद्यालयों में शिक्षक भी जोखिम उठाते हुए स्कूल पहुंचे।
सोमवार को मौके पर पहुंचे पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता राजकुमार और बदरीनाथ विधायक के प्रतिनिधि मोहन नेगी ने क्षतिग्रस्त पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। पीएमजीएसवाई की ओर से मलबा और बोल्डर हटाने के लिए जेसीबी मशीन भी लगा दी गई है, लेकिन बोल्डर अधिक होने से अभी सड़क को सुचारु होने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
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इधर, लोक निर्माण विभाग के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि निजमूला घाटी में रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से पैदल रास्ते को खोलने में दिक्कत आ रही हैं। जल्द ही रास्ते को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
कोट------------
निजमूला घाटी में राशन की कोई कमी नहीं है। तीन माह का अतिरिक्त राशन क्षेत्र में पहले ही भेज दिया गया है। सड़क और पैदल रास्ते खुलवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
-मोहन सिंह बर्निया, अपर जिलाधिकारी, चमोली
रविवार शाम छह बजे निजमूला सड़क अवरुद्ध हो गई थी। यह सड़क गौंणा, तड़ागताल, धारकुमाला, पठेला, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, झींझी और सिरमूला गांव के ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र साधन है। सोमवार को ग्रामीण लंबी दूरी पैदल नापकर अपने गंतव्य को पहुंचे। 15 जुलाई से क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग का पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीण जंगल के रास्ते आवाजाही कर रहे हैं। तड़ागताल, पठेला, धारकुमाला और सिरमूला गांव के छात्र-छात्राएं इंटर स्तर की पढ़ाई के लिए जीआईसी गौणा पहुंचते हैं, लेकिन सड़क और पैदल मार्ग अवरुद्ध होने से सोमवार को छात्र भी विद्यालय तक नहीं पहुंच पाए। प्राथमिक और जूनियर स्तर के विद्यालयों में शिक्षक भी जोखिम उठाते हुए स्कूल पहुंचे।
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सोमवार को मौके पर पहुंचे पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता राजकुमार और बदरीनाथ विधायक के प्रतिनिधि मोहन नेगी ने क्षतिग्रस्त पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। पीएमजीएसवाई की ओर से मलबा और बोल्डर हटाने के लिए जेसीबी मशीन भी लगा दी गई है, लेकिन बोल्डर अधिक होने से अभी सड़क को सुचारु होने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
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इधर, लोक निर्माण विभाग के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि निजमूला घाटी में रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से पैदल रास्ते को खोलने में दिक्कत आ रही हैं। जल्द ही रास्ते को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
कोट------------
निजमूला घाटी में राशन की कोई कमी नहीं है। तीन माह का अतिरिक्त राशन क्षेत्र में पहले ही भेज दिया गया है। सड़क और पैदल रास्ते खुलवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
-मोहन सिंह बर्निया, अपर जिलाधिकारी, चमोली