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सुरक्षा दीवार ढही, मकानों को बना खतरा
Updated Mon, 23 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
जनजातीय क्षेत्र में शनिवार देर रात को हुई तेज बारिश के बीच थण्ता गांव में सुरक्षा दीवार ढहने से जहां तीन मकानों को खतरा खड़ा हो गया है, वहीं डिमऊ गांव में भूस्खलन की जद में आकर दो मकान और एक गोशाला को खतरा खड़ा हो गया है। यहां देर रात को बारिश के बीच भाव सिंह के मकान के नीचे बनी सुरक्षा दीवार ढह गई।
दीवार का मलबा नीचे मकर सिंह पुत्र कृपाल सिंह की गोशाला के ऊपर जा गिरा। जिसके नीचे दब कर एक बकरे की मौत हो गई। गोशाला में बंधी भैंस को किसी तरह ग्रामीणों ने बाहर निकाला। यहां भूस्खलन के कारण भाव सिंह के साथ ही मकर सिंह के घर और गोशाला को भी खतरा खड़ा हो गया है। पूरी रात प्रभावितों को जाग कर काटनी पड़ी। थंता गांव में सुरक्षा दीवार ढहने से दिलेराम, भगतराम, बारू दत्त के मकानों को खतरा खड़ा हो गया है। इन मकानों के नीचे वर्ष 2016 में मनरेगा के तहत दीवार का निर्माण किया गया था। लेकिन बीते रात हुई तेज बारिश में यह दीवार ढह गई। मकानों के नीचे लगातार भूस्खलन जारी है। एसडीएम बीके तिवारी ने बताया कि मामले में संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है।
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जनजातीय क्षेत्र में शनिवार देर रात को हुई तेज बारिश के बीच थण्ता गांव में सुरक्षा दीवार ढहने से जहां तीन मकानों को खतरा खड़ा हो गया है, वहीं डिमऊ गांव में भूस्खलन की जद में आकर दो मकान और एक गोशाला को खतरा खड़ा हो गया है। यहां देर रात को बारिश के बीच भाव सिंह के मकान के नीचे बनी सुरक्षा दीवार ढह गई।
दीवार का मलबा नीचे मकर सिंह पुत्र कृपाल सिंह की गोशाला के ऊपर जा गिरा। जिसके नीचे दब कर एक बकरे की मौत हो गई। गोशाला में बंधी भैंस को किसी तरह ग्रामीणों ने बाहर निकाला। यहां भूस्खलन के कारण भाव सिंह के साथ ही मकर सिंह के घर और गोशाला को भी खतरा खड़ा हो गया है। पूरी रात प्रभावितों को जाग कर काटनी पड़ी। थंता गांव में सुरक्षा दीवार ढहने से दिलेराम, भगतराम, बारू दत्त के मकानों को खतरा खड़ा हो गया है। इन मकानों के नीचे वर्ष 2016 में मनरेगा के तहत दीवार का निर्माण किया गया था। लेकिन बीते रात हुई तेज बारिश में यह दीवार ढह गई। मकानों के नीचे लगातार भूस्खलन जारी है। एसडीएम बीके तिवारी ने बताया कि मामले में संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है।
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