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बुरांश, किलमोड़, किरोंदा, बेड़ू, तिमला बदल सकते हैं ग्रामीणों की तकदीर
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:12 PM IST
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कर्णप्रयाग। राजकीय पॉलीटेक्निक गौचर में सामुुदायिक विकास योजना की परामर्श समिति की बैठक में कौशल विकास पर चर्चा की गई। पर्यावरणविद् जगत सिंह चौधरी जंगली ने जंगली फलों के उत्पादन से आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया।
पर्यावरणविद् जंगली ने कहा कि जंगलों में पाए जाने वाले फल ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बदल सकते हैं। जंगली बुरांश, किलमोड़, किरोंदा, बेड़ू, तिमला के प्रसंस्करण से बनने वाले उत्पादों की देश ही नहीं विदेश में भी डिमांड है। ऐसे में गांवों में इन फलों के प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर रोजगार के दिशा में प्रयास किया जा सकता है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य के. सिंह ने कहा कि राज्य में जड़ीबूटी और प्राकृतिक उत्पादों का भंडार है। जरूरत है कौशल विकास का प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार के दिशा में कदम बढ़ाने की। कौशल विकास एवं उद्यमिता केंद्र सरकार की ओर से आयोजित बैठक में वक्ताओं ने मौन पालन और मत्स्य पालन की तकनीकी को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक में पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य देवेंद्र यादव, आईटीआई कर्णप्रयाग के फोरमैन यूसी पुरोहित, करछुना के क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर राना, योजना के आंतरिक समन्वयक रविंद्र सेमवाल और नौटी के प्रधान विनोद चौहान आदि ने विचार व्यक्त किए।
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पर्यावरणविद् जंगली ने कहा कि जंगलों में पाए जाने वाले फल ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बदल सकते हैं। जंगली बुरांश, किलमोड़, किरोंदा, बेड़ू, तिमला के प्रसंस्करण से बनने वाले उत्पादों की देश ही नहीं विदेश में भी डिमांड है। ऐसे में गांवों में इन फलों के प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर रोजगार के दिशा में प्रयास किया जा सकता है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य के. सिंह ने कहा कि राज्य में जड़ीबूटी और प्राकृतिक उत्पादों का भंडार है। जरूरत है कौशल विकास का प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार के दिशा में कदम बढ़ाने की। कौशल विकास एवं उद्यमिता केंद्र सरकार की ओर से आयोजित बैठक में वक्ताओं ने मौन पालन और मत्स्य पालन की तकनीकी को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक में पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य देवेंद्र यादव, आईटीआई कर्णप्रयाग के फोरमैन यूसी पुरोहित, करछुना के क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर राना, योजना के आंतरिक समन्वयक रविंद्र सेमवाल और नौटी के प्रधान विनोद चौहान आदि ने विचार व्यक्त किए।
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