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वर्तमान शिक्षा व्यवस्था केवल धनार्जन के लिए तैयार कर रही छात्रों को
Updated Fri, 22 Jun 2018 10:28 PM IST
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श्रीनगर। पं. मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन फॉर टीचर्स एंड टीचिंग योजना के तहत गढ़वाल विवि के चौरास परिसर में 30 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक व छात्र बेहतर प्राप्तांक व ग्रेड के भंवर में फंस कर रह गए हैं।
चौरास परिसर स्थित एक्टिविटी सेंटर में आयोजित कार्यशाला में शुक्रवार को मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित दिल्ली विवि के डा. तुषार कांति मिश्रा ने कहा कि सूचना तकनीक के अतिशय प्रयोग से उपलब्ध सूचना की अधिकता शिक्षकों एवं छात्रों के सोचने-समझने व विवेक को लगभग समाप्त कर रही है। शिक्षक और छात्र बेहतर ग्रेड व प्राप्तांक के भवर में फंसकर रह गए हैं। ऐसी शिक्षा व्यवस्था केवल धनार्जन के लिए छात्रों को तैयार कर रही है, लेकिन यह संवेदनशील, उच्च मानवीय मूल्यों से संपन्न, सुसंस्कृत और नेतृत्व क्षमता वाले नागरिक तैयार नहीं कर पा रहे हैं। कार्यशाला संयोजक प्रो. इंदु पांडेय खंडूड़ी ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद अदा किया।
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चौरास परिसर स्थित एक्टिविटी सेंटर में आयोजित कार्यशाला में शुक्रवार को मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित दिल्ली विवि के डा. तुषार कांति मिश्रा ने कहा कि सूचना तकनीक के अतिशय प्रयोग से उपलब्ध सूचना की अधिकता शिक्षकों एवं छात्रों के सोचने-समझने व विवेक को लगभग समाप्त कर रही है। शिक्षक और छात्र बेहतर ग्रेड व प्राप्तांक के भवर में फंसकर रह गए हैं। ऐसी शिक्षा व्यवस्था केवल धनार्जन के लिए छात्रों को तैयार कर रही है, लेकिन यह संवेदनशील, उच्च मानवीय मूल्यों से संपन्न, सुसंस्कृत और नेतृत्व क्षमता वाले नागरिक तैयार नहीं कर पा रहे हैं। कार्यशाला संयोजक प्रो. इंदु पांडेय खंडूड़ी ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद अदा किया।
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