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गरुड़चट्टी ब्रिज का संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन की उदासीनता के कारण प्राचीन नीलकंठ महादेव की यात्रा करने वाले श्रद्धालु गरुड़चट्टी मोटर ब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग पर आवागमन करने को विवश हैं। विभाग ने ब्रिज के निर्माण के बाद से बदरीनाथ हाईवे से पुल तक जाने वाले संपर्क मार्ग की सुध ली, जिसके चलते हर रोज नीलकंठ दर्शन के लिए आवागमन करने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को हिचकोले खाकर यात्रा करनी पड़ रही है। गौरतलब है कि गरुचट्टी मोटर पुल से हर रोज करीब दस हजार लोग यमकेश्वर व द्वारीखाल प्रखंड के गांवों और नीलकंठ दर्शन के लिए आवागमन करते हैं।
ब्रिज को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली ब्रह्मपुरी साइट का करीब पांच सौ मीटर संपर्क मार्ग काफी समय से खराब पड़ा है। एप्रोच रूट पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिन पर लोगों को हिचकोले खाकर यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। गड्ढों की जद में आकर अक्सर दुपहिया वाहन सवार रपटकर चोटिल होते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा और तेजपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि लोक निर्माण विभाग दुगड्डा खंड नीलकंठ यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों के साथ ही हजारों सैलानियों को हर रोज इस पैच में आवागमन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन की उदासीनता के कारण प्राचीन नीलकंठ महादेव की यात्रा करने वाले श्रद्धालु गरुड़चट्टी मोटर ब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग पर आवागमन करने को विवश हैं। विभाग ने ब्रिज के निर्माण के बाद से बदरीनाथ हाईवे से पुल तक जाने वाले संपर्क मार्ग की सुध ली, जिसके चलते हर रोज नीलकंठ दर्शन के लिए आवागमन करने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को हिचकोले खाकर यात्रा करनी पड़ रही है। गौरतलब है कि गरुचट्टी मोटर पुल से हर रोज करीब दस हजार लोग यमकेश्वर व द्वारीखाल प्रखंड के गांवों और नीलकंठ दर्शन के लिए आवागमन करते हैं।
ब्रिज को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली ब्रह्मपुरी साइट का करीब पांच सौ मीटर संपर्क मार्ग काफी समय से खराब पड़ा है। एप्रोच रूट पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिन पर लोगों को हिचकोले खाकर यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। गड्ढों की जद में आकर अक्सर दुपहिया वाहन सवार रपटकर चोटिल होते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा और तेजपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि लोक निर्माण विभाग दुगड्डा खंड नीलकंठ यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों के साथ ही हजारों सैलानियों को हर रोज इस पैच में आवागमन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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