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तीन दिन से अस्पताल में लटका ताला
Updated Sat, 19 May 2018 02:28 AM IST
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ब्यूूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
चकराता प्रखंड के कोटा तपलाड़ स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन दिन से ताला लटका है। अस्पताल में डॉक्टर, फार्मासिस्ट समेत तीन कर्मचारियों की तैनाती है। शिकायत के बाद भी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आ रहा है। ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला यूनानी एवं आयुर्वेदिक अधिकारी को ज्ञापन भेजा।
भेजे गए ज्ञापन में ग्रामीणों का आरोप है कि आयुर्वेदिक अस्पताल में तैनात तीनों कर्मचारी ही अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं। अस्पताल से 2000 की आबादी जुड़ी हुई है। बुखार, सर्दी, जुकाम जैसी मामूली बीमारी के लिए लोगों को 15 किमी दूर डामटा की दौड़ लगानी पड़ती है। स्टॉफ के अभाव में भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है। कई बार सही समय पर इलाज न मिलने के कारण लोगों की जान तक पर बन आती हैं। कोई भी विभागीय अधिकारी कभी भी क्षेत्र के निरीक्षण पर नहीं आता। जिसके चलते अस्पताल में तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट मनमर्जी से अस्पताल आते हैं। उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में विजयपाल तोमर, रणवीर सिंह तोमर, गजेंद्र सिंह, आदेश तोमर, अजय वीर सिंह, अनिल तोमर, मोहन सिंह तोमर आदि शामिल रहे।
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चकराता प्रखंड के कोटा तपलाड़ स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन दिन से ताला लटका है। अस्पताल में डॉक्टर, फार्मासिस्ट समेत तीन कर्मचारियों की तैनाती है। शिकायत के बाद भी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आ रहा है। ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला यूनानी एवं आयुर्वेदिक अधिकारी को ज्ञापन भेजा।
भेजे गए ज्ञापन में ग्रामीणों का आरोप है कि आयुर्वेदिक अस्पताल में तैनात तीनों कर्मचारी ही अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं। अस्पताल से 2000 की आबादी जुड़ी हुई है। बुखार, सर्दी, जुकाम जैसी मामूली बीमारी के लिए लोगों को 15 किमी दूर डामटा की दौड़ लगानी पड़ती है। स्टॉफ के अभाव में भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है। कई बार सही समय पर इलाज न मिलने के कारण लोगों की जान तक पर बन आती हैं। कोई भी विभागीय अधिकारी कभी भी क्षेत्र के निरीक्षण पर नहीं आता। जिसके चलते अस्पताल में तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट मनमर्जी से अस्पताल आते हैं। उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में विजयपाल तोमर, रणवीर सिंह तोमर, गजेंद्र सिंह, आदेश तोमर, अजय वीर सिंह, अनिल तोमर, मोहन सिंह तोमर आदि शामिल रहे।
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