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थराली उपचुनाव पार्टी में विधायकों के कद करेंगे तय
Updated Sat, 12 May 2018 10:44 PM IST
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कर्णप्रयाग। थराली उपचुनाव भाजपा के लिए नाक का सवाल बना है। यह उपचुनाव जहां प्रदेश में सहानुभूति की परंपरा को परखेगा, वहीं भाजपा में सीएम त्रिवेंद्र सिंह सहित कई दिग्गजों के वजन का भी नापतोल करेगा। यही नहीं, यहां भाजपा ने विधानसभा के पांच मंडलों में पांच विधायकों को जिम्मेदारी दी है। इनमें से अधिकतर पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में यह चुनाव पार्टी में इन विधायकों का कद भी तय करेगा।
नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद 14 मई को नाम वापसी है, जबकि 28 मई को मतदान होना है। अब यहां भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। कांग्रेस के प्रीतम सिंह जहां विधानसभा में हैं। वहीं भाजपा ने विधानसभा के पांच मंडलों की जिम्मेदारी अपने पांच विधायकों को दी है। इनमें नारायणबगड़ मंडल के 57 बूथों की जिम्मेदारी कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, थराली मंडल के 40 बूथों की बागेश्वर के विधायक चंदन राम, देवाल के 31 बूथों की कपकोट के बलवंत सिंह, घाट मंडल के 41 बूथों की जिम्मेदारी पौड़ी के मुकेश कोली और नंदप्रयाग मंडल के नौ बूथों पर रुद्रप्रयाग के भरत चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में इन विधायकों को संगठन सहित बूथ प्रबंधन कर यहां भाजपा को जितवाना ही नहीं, बल्कि पिछले चुनावों में भाजपा के लिए पड़े मतों के प्रतिशत को भी बढ़ाना चुनौती होगा। माना जा रहा है कि सरकार द्वारा दायित्वों का वितरण नहीं किया है। ऐसे में विधायकों के लिए यह चुनाव किसी परीक्षा से कम नहीं है। विधानसभा के प्रभारी और बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने बताया कि विधायक ही नहीं, थराली में पूरा संगठन एकजुट होकर काम कर रहा है।
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नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद 14 मई को नाम वापसी है, जबकि 28 मई को मतदान होना है। अब यहां भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। कांग्रेस के प्रीतम सिंह जहां विधानसभा में हैं। वहीं भाजपा ने विधानसभा के पांच मंडलों की जिम्मेदारी अपने पांच विधायकों को दी है। इनमें नारायणबगड़ मंडल के 57 बूथों की जिम्मेदारी कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, थराली मंडल के 40 बूथों की बागेश्वर के विधायक चंदन राम, देवाल के 31 बूथों की कपकोट के बलवंत सिंह, घाट मंडल के 41 बूथों की जिम्मेदारी पौड़ी के मुकेश कोली और नंदप्रयाग मंडल के नौ बूथों पर रुद्रप्रयाग के भरत चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में इन विधायकों को संगठन सहित बूथ प्रबंधन कर यहां भाजपा को जितवाना ही नहीं, बल्कि पिछले चुनावों में भाजपा के लिए पड़े मतों के प्रतिशत को भी बढ़ाना चुनौती होगा। माना जा रहा है कि सरकार द्वारा दायित्वों का वितरण नहीं किया है। ऐसे में विधायकों के लिए यह चुनाव किसी परीक्षा से कम नहीं है। विधानसभा के प्रभारी और बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने बताया कि विधायक ही नहीं, थराली में पूरा संगठन एकजुट होकर काम कर रहा है।
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