{"_id":"5af7195f4f1c1be9408b4c3e","slug":"152614332415-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले परीक्षा दी फिर पहना शादी का जोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले परीक्षा दी फिर पहना शादी का जोड़ा
Updated Sat, 12 May 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। अपनी शादी के दिन दुल्हन का जोड़ा पहनने से पहले ऋचा डोबरियाल परीक्षा देने पहुंची। ऋचा के इस फैसले पर जहां परिजनों ने खुशी जताई वहीं शिक्षकों ने इसे अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
शहर से सटे डांग गांव निवासी ऋचा डोबरियाल की शनिवार को बारात आनी थी, लेकिन इसी दिन ऋचा का पेपर भी था। ऋचा गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में एमएसडब्ल्यू (मास्टर ऑफ सोशल साइंस) चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। शनिवार को शादी का दिन होने के बावजूद ऋचा तीन बजे से 6 बजे की पाली में बिड़ला परीक्षा देने पहुंची। यहां परीक्षा देने के बाद वह सीधे दुल्हन का जोड़ा पहनने व तैयार होने के लिए ब्यूटी पार्लर पहुंच और फिर यहां से सीधे विवाह स्थल पहुुंची। ऋचा के जीजा राजीव थपलियाल ने कहा कि ऋचा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है। शादी के दिन पेपर देने के निर्णय पर ऋचा के परिजनों ने भी उसका साथ दिया। ऋचा की मां पुष्पा शिक्षिका हैं। जबकि पिता का 17 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। शादी के दिन पेपर हॉल में पहुंची ऋचा वहां मौजूद अन्य परीक्षार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत रही। कक्ष परीक्षक डा. रीना आर्य ने कहा कि ऋचा का यह निर्णय उन छात्राओं के लिए प्रेरणा होगा जो ऐसी स्थितियों में परीक्षा छोड़ कर साल भर की मेहनत को बेकार कर देते हैं।
विज्ञापन
शहर से सटे डांग गांव निवासी ऋचा डोबरियाल की शनिवार को बारात आनी थी, लेकिन इसी दिन ऋचा का पेपर भी था। ऋचा गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में एमएसडब्ल्यू (मास्टर ऑफ सोशल साइंस) चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। शनिवार को शादी का दिन होने के बावजूद ऋचा तीन बजे से 6 बजे की पाली में बिड़ला परीक्षा देने पहुंची। यहां परीक्षा देने के बाद वह सीधे दुल्हन का जोड़ा पहनने व तैयार होने के लिए ब्यूटी पार्लर पहुंच और फिर यहां से सीधे विवाह स्थल पहुुंची। ऋचा के जीजा राजीव थपलियाल ने कहा कि ऋचा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है। शादी के दिन पेपर देने के निर्णय पर ऋचा के परिजनों ने भी उसका साथ दिया। ऋचा की मां पुष्पा शिक्षिका हैं। जबकि पिता का 17 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। शादी के दिन पेपर हॉल में पहुंची ऋचा वहां मौजूद अन्य परीक्षार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत रही। कक्ष परीक्षक डा. रीना आर्य ने कहा कि ऋचा का यह निर्णय उन छात्राओं के लिए प्रेरणा होगा जो ऐसी स्थितियों में परीक्षा छोड़ कर साल भर की मेहनत को बेकार कर देते हैं।
विज्ञापन