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पानी की देखरेख के लिए गांवों में होगी अस्थाई फीटरों की तैनाती
Updated Wed, 25 Apr 2018 10:56 PM IST
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गोपेश्वर। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत कम करने के लिए गांवों में अस्थायी फीटरों की तैनाती की जाएगी। फीटर गांवों में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को ठीक करने, पेयजल स्रोतों से गांवों तक पानी पहुंचाने और पेयजल योजनाओं की देखरेख का काम करेंगे। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने विधायक निधि से पांच लाख रुपये जल संस्थान को देने का निर्णय लिया है। इस निधि से फीटरों को मानदेय दिया जाएगा।
चमोली जल संस्थान में कम फीटर हैं, जिससे पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने पर कई दिनों तक लाइन की मरम्मत नहीं हो पाती है। जिले में संस्थान की 163 पेयजल योजनाएं हैं, जिनकी देखरेख के लिए नगरीय क्षेत्रों में नौ स्थायी फीटर तैनात हैं। फीटर की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था में दिक्कतें आ रही हैं। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने जल संस्थान को ग्रीष्मकाल में मई से अगस्त माह तक ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल लाइनों की देखरेख के लिए अस्थायी फीटर की व्यवस्था के निर्देश दिए। कहा कि जिन पेयजल स्रोतों पर पानी सूख गया है, उन गांवों के लिए फीटर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। जल संस्थान के सहायक अभियंता संदीप चतुर्वेदी का कहना है कि विधायक निधि से मिलने वाली पांच लाख रुपये की धनराशि से फीटरों को मानदेय दिया जाएगा। इससे काफी हद तक पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
चमोली जल संस्थान में कम फीटर हैं, जिससे पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने पर कई दिनों तक लाइन की मरम्मत नहीं हो पाती है। जिले में संस्थान की 163 पेयजल योजनाएं हैं, जिनकी देखरेख के लिए नगरीय क्षेत्रों में नौ स्थायी फीटर तैनात हैं। फीटर की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था में दिक्कतें आ रही हैं। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने जल संस्थान को ग्रीष्मकाल में मई से अगस्त माह तक ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल लाइनों की देखरेख के लिए अस्थायी फीटर की व्यवस्था के निर्देश दिए। कहा कि जिन पेयजल स्रोतों पर पानी सूख गया है, उन गांवों के लिए फीटर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। जल संस्थान के सहायक अभियंता संदीप चतुर्वेदी का कहना है कि विधायक निधि से मिलने वाली पांच लाख रुपये की धनराशि से फीटरों को मानदेय दिया जाएगा। इससे काफी हद तक पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
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