{"_id":"5ade12774f1c1b65098b5f9f","slug":"152450316113-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीकेटीसी के अधिकारियों ने लिया बदरीनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीकेटीसी के अधिकारियों ने लिया बदरीनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का दल बदरीनाथ पहुंचा। दल ने मंदिर में रंग-रोगन, बिजली, पानी, दर्शन लाइन, बुकिंग काउंटर और स्वच्छता का निरीक्षण किया।
बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खुल जाएंगे। तीर्थयात्रा को लेकर बीकेटीसी यात्रा व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है। धाम में होटल, ढाबे भी खुलने लगे हैं। मंदिर अधिकारी मोहन सती ने बदरीनाथ परिक्रम स्थल, सिंह द्वार और मंदिर परिसर में साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि धाम में सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर की धर्मशालाओं और विश्राम गृह को भी चाक-चौबंद कर लिया जाएगा। बदरीनाथ धाम परिसर में पेयजल लाइन भी सुचारु हो गई है। कहा कि बदरीनाथ के समीप बामणी गांव में भी ग्रामीणों की चहल-पहल शुरू हो गई है। बामणी गांव में पांडुकेश्वर और आसपास के गांवों के ग्रामीण छह माह तक निवास करते हैं। इस मौके पर मंदिर समिति के सहायक अभियंता गिरीश रावत, सुपरवाइजर भागवत मेहता और अमित पंवार आदि मौजूद थे।
बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खुल जाएंगे। तीर्थयात्रा को लेकर बीकेटीसी यात्रा व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है। धाम में होटल, ढाबे भी खुलने लगे हैं। मंदिर अधिकारी मोहन सती ने बदरीनाथ परिक्रम स्थल, सिंह द्वार और मंदिर परिसर में साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि धाम में सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर की धर्मशालाओं और विश्राम गृह को भी चाक-चौबंद कर लिया जाएगा। बदरीनाथ धाम परिसर में पेयजल लाइन भी सुचारु हो गई है। कहा कि बदरीनाथ के समीप बामणी गांव में भी ग्रामीणों की चहल-पहल शुरू हो गई है। बामणी गांव में पांडुकेश्वर और आसपास के गांवों के ग्रामीण छह माह तक निवास करते हैं। इस मौके पर मंदिर समिति के सहायक अभियंता गिरीश रावत, सुपरवाइजर भागवत मेहता और अमित पंवार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन