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ग्रामीणों की सुध नहीं ले रही सरकार
Updated Thu, 05 Apr 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/रायवाला।
गौहरीमाफी में बाढ़ सुरक्षा तटबंध निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का बेमियादी धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन बुधवार को भी जारी रहा। देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ग्रामीणों ने बुधवार को 98वें दिन धरना-प्रदर्शन किया। वहीं सूरत सिंह चौहान, नत्थी सिंह, धनीराम जोशी, मूर्तिराम और गैणा सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे। इस अवसर पर मोर्चा अध्यक्ष संजय पोखरियाल ने बताया कि गांव को बाढ़ से सुरक्षित रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन को 100 दिन पूरे होने को हैं। बावजूद इसके अभी तक सरकार, प्रशासन और संबंधित महकमे ने ग्रामीणों की सुध नहीं ली है। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिधि भी अनदेखी कर रहे हैं। इस अवसर पर मेहरबान सिंह रावत, चंद्रमा जोशी, भगवनी कंडियाल, जमुना असवाल, आशा नौटियाल आदि मौजूद रहे। वहीं गौहरीमाफी की ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के अनुसार गौहरीमाफी क्षेत्र में बनाए गए पुश्ते बीते साल बरसात में ढह गए थे। इसके कारण बाढ़ से गांव में तबाही हुई थी, लेकिन समस्या का समाधान आजतक नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान ने बरसात से पहले क्षतिग्रस्त पुश्तों की मरम्मत की मांग की है।
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गौहरीमाफी में बाढ़ सुरक्षा तटबंध निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का बेमियादी धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन बुधवार को भी जारी रहा। देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ग्रामीणों ने बुधवार को 98वें दिन धरना-प्रदर्शन किया। वहीं सूरत सिंह चौहान, नत्थी सिंह, धनीराम जोशी, मूर्तिराम और गैणा सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे। इस अवसर पर मोर्चा अध्यक्ष संजय पोखरियाल ने बताया कि गांव को बाढ़ से सुरक्षित रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन को 100 दिन पूरे होने को हैं। बावजूद इसके अभी तक सरकार, प्रशासन और संबंधित महकमे ने ग्रामीणों की सुध नहीं ली है। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिधि भी अनदेखी कर रहे हैं। इस अवसर पर मेहरबान सिंह रावत, चंद्रमा जोशी, भगवनी कंडियाल, जमुना असवाल, आशा नौटियाल आदि मौजूद रहे। वहीं गौहरीमाफी की ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के अनुसार गौहरीमाफी क्षेत्र में बनाए गए पुश्ते बीते साल बरसात में ढह गए थे। इसके कारण बाढ़ से गांव में तबाही हुई थी, लेकिन समस्या का समाधान आजतक नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान ने बरसात से पहले क्षतिग्रस्त पुश्तों की मरम्मत की मांग की है।