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चौरीडांडा में मनेगा खत कोरू के 17 गांवों का बिस्सू पर्व
Updated Mon, 26 Mar 2018 02:03 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/नागथात।
खत कोरू के 17 गांवों इस बार एक साथ बिस्सू पर्व मनाएंगे। 16 अप्रैल को चौरीडांडा में विशाल स्तर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में जौनसारी संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिलेगी।
रविवार को बैराटखाई में आयोजित बैठक में चालदा समिति के अध्यक्ष सीताराम चौहान ने कहा कि हमारी संस्कृति धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। इसे बचाने के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। संस्कृति लोगों को आपस में जोड़े रखती है। बिस्सू पर्व एक सांस्कृतिक धरोहर है। जो पूर्वजों ने हमें विरासत में दी है। इसे बचाए रखना हम सभी का दायित्व बनता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व में लोग जौनसारी वेशभूषा में शामिल होंगे। ठोऊड़ा खेला भी जाएगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक छटा देखने को मिलेगी। मेले में सिंगोर, बाढो, जैंदऊ, लुटऊ, मुंधान, गड़ोल, रामपुर, चितराड़, गांगरौ, भुनऊ, आस्टा, कचटा, खुशेऊ, चिचराड़ समेत 17 गांवों के लोग हिस्सा लेंगे। इस मौके पर सीताराम चौहान, अनिल जोशी, अमर सिंह, अतर सिंह, सूरत सिंह, मायादत्त जोशी, शूरवीर सिंह, राजेंद्र, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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खत कोरू के 17 गांवों इस बार एक साथ बिस्सू पर्व मनाएंगे। 16 अप्रैल को चौरीडांडा में विशाल स्तर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में जौनसारी संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिलेगी।
रविवार को बैराटखाई में आयोजित बैठक में चालदा समिति के अध्यक्ष सीताराम चौहान ने कहा कि हमारी संस्कृति धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। इसे बचाने के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। संस्कृति लोगों को आपस में जोड़े रखती है। बिस्सू पर्व एक सांस्कृतिक धरोहर है। जो पूर्वजों ने हमें विरासत में दी है। इसे बचाए रखना हम सभी का दायित्व बनता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व में लोग जौनसारी वेशभूषा में शामिल होंगे। ठोऊड़ा खेला भी जाएगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक छटा देखने को मिलेगी। मेले में सिंगोर, बाढो, जैंदऊ, लुटऊ, मुंधान, गड़ोल, रामपुर, चितराड़, गांगरौ, भुनऊ, आस्टा, कचटा, खुशेऊ, चिचराड़ समेत 17 गांवों के लोग हिस्सा लेंगे। इस मौके पर सीताराम चौहान, अनिल जोशी, अमर सिंह, अतर सिंह, सूरत सिंह, मायादत्त जोशी, शूरवीर सिंह, राजेंद्र, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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