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पेयजल कनेक्शन के बिना थमाए जा रहे बिल
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/रायवाला।
हरिपुरकलां स्थित बिरलाफार्म क्षेत्र में गर्मी के शुरुआती दिनों में ही पेयजल संकट गहराने लगा है। बीते साल सितंबर में गांव की स्वजल पेयजल योजना के जल संस्थान को हस्तांतरित होने के बाद से कई इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने विभाग पर पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
ग्रामसभा हरिपुरकलां में इन दिनों कई इलाके पेयजल किल्लत से त्रस्त हैं। क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया। इसके बाद बुधवार को अवर अभियंता हिमांशु असवाल ने गांव पहुंचकर नागरिकों की समस्या सुनीं। जन कल्याण मंच के अध्यक्ष विक्रांत भारद्वाज ने बताया कि ग्रामीण कई महीनों से पेयजल आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसके बावजूद विभाग बिना पेयजल संयोजन वाले उपभोक्ताओं को भी पानी को बिल भेज रहा है।
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बीते साल सितंबर में ग्रामीण उपभोक्ता पेयजल एवं स्वच्छता उप समिति की ओर से योजना को जल संस्थान को हस्तांतरित किया गया। ग्रामीणों की आपूर्ति संबंधी शिकायतों का निस्तारण शीघ्र किया जाएगा। पूर्व में समिति द्वारा दी गई उपभोक्ता सूची के आधार पर ग्रामीणों को पेयजल बिल भेजे जा रहे हैं। यदि किसी उपभोक्ता का पेयजल संयोजन नहीं है, तो जांच कर इसमें सुधार किया जाएगा।
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-एवीएस रावत, एसडीओ जल संस्थान ऋषिकेश
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स्वजल योजना की शुरुआत में ग्रामीणों ने योजना में अपना पंजीकरण कराया था। इसके बाद कई परिवारों ने जल संयोजन नहीं कराए। ऐसे लोग हैंडपंप से जल का उपयोग करते हैं। पंजीकरण की रसीद के आधार पर ही जल संस्थान उपभोक्ताओं को बिल भेज रहा है। जिसे दुरुस्त कराया जाएगा।
सतेंद्र धमांदा, ग्राम प्रधान हरिपुरकलां
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हरिपुरकलां स्थित बिरलाफार्म क्षेत्र में गर्मी के शुरुआती दिनों में ही पेयजल संकट गहराने लगा है। बीते साल सितंबर में गांव की स्वजल पेयजल योजना के जल संस्थान को हस्तांतरित होने के बाद से कई इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने विभाग पर पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
ग्रामसभा हरिपुरकलां में इन दिनों कई इलाके पेयजल किल्लत से त्रस्त हैं। क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया। इसके बाद बुधवार को अवर अभियंता हिमांशु असवाल ने गांव पहुंचकर नागरिकों की समस्या सुनीं। जन कल्याण मंच के अध्यक्ष विक्रांत भारद्वाज ने बताया कि ग्रामीण कई महीनों से पेयजल आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसके बावजूद विभाग बिना पेयजल संयोजन वाले उपभोक्ताओं को भी पानी को बिल भेज रहा है।
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बीते साल सितंबर में ग्रामीण उपभोक्ता पेयजल एवं स्वच्छता उप समिति की ओर से योजना को जल संस्थान को हस्तांतरित किया गया। ग्रामीणों की आपूर्ति संबंधी शिकायतों का निस्तारण शीघ्र किया जाएगा। पूर्व में समिति द्वारा दी गई उपभोक्ता सूची के आधार पर ग्रामीणों को पेयजल बिल भेजे जा रहे हैं। यदि किसी उपभोक्ता का पेयजल संयोजन नहीं है, तो जांच कर इसमें सुधार किया जाएगा।
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-एवीएस रावत, एसडीओ जल संस्थान ऋषिकेश
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स्वजल योजना की शुरुआत में ग्रामीणों ने योजना में अपना पंजीकरण कराया था। इसके बाद कई परिवारों ने जल संयोजन नहीं कराए। ऐसे लोग हैंडपंप से जल का उपयोग करते हैं। पंजीकरण की रसीद के आधार पर ही जल संस्थान उपभोक्ताओं को बिल भेज रहा है। जिसे दुरुस्त कराया जाएगा।
सतेंद्र धमांदा, ग्राम प्रधान हरिपुरकलां