{"_id":"5a9860f64f1c1b4f588bb812","slug":"151993596113-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दर्जन सड़कों को डामरीकरण का इंजजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दर्जन सड़कों को डामरीकरण का इंजजार
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
पहाड़ों का सफर सुहाना होता है..... लेकिन जौनसार बावर में यह सफर मुश्किल भरा है। आज भी जौनसार बावर की कई सड़कें ऐसी हैं जिन पर लोग धूल फांकने को मजबूर हैं। हल्की सी बरसात में ये सड़कें तालाब बन जाती हैं। ऊपर से कब पहाड़ी से गिरता मलबा रफ्तार रोक दे कुछ कहा नहीं जा सकता।
विभागीय अधिकारियों की माने तो इन सड़कों के डामरीकरण के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजे जा चुके हैं। लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहता है। लोनिवि साहिया के अंतर्गत 22 और चकराता के अंतर्गत 16 सड़कों को डामरीकरण का इंतजार है। इन सड़कों से क्षेत्र के 150 गांवों की आवाजाही जुड़ी हुई हैं, जहां 5 किलोमीटर की दूरी तय करने में 15 मिनट का समय लगता हैं। वहीं इन सड़कों पर यही दूरी तय करने में आधा घंटा लग रहा है। सियाराम खन्ना, पूरण सिंह चौहान आदि का कहना है कि क्षेत्र में कई सड़के पिछले दस साल से डामरीकरण की राह ताक रही है। लेकिन विभाग इनकी सुध लेने को राजी नहीं। सफर करते समय लोगों को मुुंह पर कपड़ा बांधकर निकलना पड़ता है।
डामरीकरण की राह ताक रही ये सड़कें
लोनिवि साहिया अंतर्गत पजिटिलानी-ऊभरेऊ, पजिटिलानी-भंजरा, हईया-अलसी-ककाड़ी, हईया-पंजिया, बिजऊबैंड-भुग्तार, पाटाबैंड-मंडोली, माख्टी-अछेड़पुल, पुरोड़ी-कैतरी, मथेऊ-गड़ेथा, उत्पाल्टा-उपरोली, धोईरा-देऊ, खैना मोटर मार्ग, नागथात-लाछा, समरजैंस, रख्ताड़, जंदेऊ-बाडो, गडोल-सकरोल, हाजा-दसऊ-कितरोली और लोनिवि चकराता अंतर्गत लोखंडी-अटाल, माख्टी-पोखरी-ककनोई, रायगी-त्यूनी, कथियान-फनार, सैंज-अटाल, मीनस-अटाल, रणू-मुंधोल, कुल्हा-चांदनी, सावड़ा-डुंगरी, लोखंडी-पिपारा-मीनस, रोहटा-अमराड़-झबराड़ समेत 16 सड़कें डामरीकरण की राह ताक रही हैं।
विज्ञापन
प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का डामरीकरण कराया जा रहा है। ज्यादातर सड़कों के डामरीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। - आरके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि देहरादून
विज्ञापन
पहाड़ों का सफर सुहाना होता है..... लेकिन जौनसार बावर में यह सफर मुश्किल भरा है। आज भी जौनसार बावर की कई सड़कें ऐसी हैं जिन पर लोग धूल फांकने को मजबूर हैं। हल्की सी बरसात में ये सड़कें तालाब बन जाती हैं। ऊपर से कब पहाड़ी से गिरता मलबा रफ्तार रोक दे कुछ कहा नहीं जा सकता।
विभागीय अधिकारियों की माने तो इन सड़कों के डामरीकरण के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजे जा चुके हैं। लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहता है। लोनिवि साहिया के अंतर्गत 22 और चकराता के अंतर्गत 16 सड़कों को डामरीकरण का इंतजार है। इन सड़कों से क्षेत्र के 150 गांवों की आवाजाही जुड़ी हुई हैं, जहां 5 किलोमीटर की दूरी तय करने में 15 मिनट का समय लगता हैं। वहीं इन सड़कों पर यही दूरी तय करने में आधा घंटा लग रहा है। सियाराम खन्ना, पूरण सिंह चौहान आदि का कहना है कि क्षेत्र में कई सड़के पिछले दस साल से डामरीकरण की राह ताक रही है। लेकिन विभाग इनकी सुध लेने को राजी नहीं। सफर करते समय लोगों को मुुंह पर कपड़ा बांधकर निकलना पड़ता है।
विज्ञापन
डामरीकरण की राह ताक रही ये सड़कें
लोनिवि साहिया अंतर्गत पजिटिलानी-ऊभरेऊ, पजिटिलानी-भंजरा, हईया-अलसी-ककाड़ी, हईया-पंजिया, बिजऊबैंड-भुग्तार, पाटाबैंड-मंडोली, माख्टी-अछेड़पुल, पुरोड़ी-कैतरी, मथेऊ-गड़ेथा, उत्पाल्टा-उपरोली, धोईरा-देऊ, खैना मोटर मार्ग, नागथात-लाछा, समरजैंस, रख्ताड़, जंदेऊ-बाडो, गडोल-सकरोल, हाजा-दसऊ-कितरोली और लोनिवि चकराता अंतर्गत लोखंडी-अटाल, माख्टी-पोखरी-ककनोई, रायगी-त्यूनी, कथियान-फनार, सैंज-अटाल, मीनस-अटाल, रणू-मुंधोल, कुल्हा-चांदनी, सावड़ा-डुंगरी, लोखंडी-पिपारा-मीनस, रोहटा-अमराड़-झबराड़ समेत 16 सड़कें डामरीकरण की राह ताक रही हैं।
विज्ञापन
प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का डामरीकरण कराया जा रहा है। ज्यादातर सड़कों के डामरीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। - आरके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि देहरादून