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सरकार से तीन प्रोजेक्ट दिए जाने की पेशकश
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश।
टीएचडीसीआईएल ने राज्य सरकार से धौलीगंगा घाटी में निर्माणाधीन तीन पावर प्रोजेक्ट्स उन्हें देने की मांग की है। कारपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीवी सिंह ने बताया कि टीएचडीसी के बुकांग-बेलिंग समेत इन पावर प्रोजेक्ट्स पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिनके निर्माण के लिए वह तैयार हैं। सरकार इसमें उनके साथ ज्वाइंट वेंचर के तहत भी कार्य कर सकती है, जिसका लाभ प्रदेश को ही मिलेगा।
पिथौरागढ़ स्थित धौलीगंगा घाटी में 330 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट पहले से ही टीएचडीसी के पास है। जिसकी डीपीआर का कार्य इसी साल के अंत तक पूरा करने की बात कारपोरेशन के सीएमडी डीवी सिंह ने कही है। घाटी में विभिन्न कंपनियों के निर्माणाधीन तीन पावर प्रोजेक्ट्स में कार्य धीमी गति से हो रहा है। यह प्रोजेक्ट भी टीएचडीसी को देने पर सरकार को विचार करना चाहिए। जिससे इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर प्रदेश को लाभान्वित किया जा सके।
सीएमडी के मुताबिक इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत की थी, जिसमें उनसे कारपोरेशन की ओर से इन प्रोजेक्ट को पूरा करने की पेशकश की गई है। बताया कि घाटी में करीब 1000 मेगावाट के प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें वह कॉम्पलेक्स के तौर पर विकसित करना चाहते हैं। परियोजनाओं पर 10 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे, जिसे खर्च करने पर भी उन्होंने हामी भरी है। पावर प्रोजेक्ट बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार और राज्य को भी इसका लाभ मिलेगा। धौलीगंगा घाटी का यह क्षेत्र मस्ट ईयर सेंचुरी की डिमार्केशन से बाहर हैं। चारों प्रोजेक्ट के निर्माण में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
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ऋषिकेश।
टीएचडीसीआईएल ने राज्य सरकार से धौलीगंगा घाटी में निर्माणाधीन तीन पावर प्रोजेक्ट्स उन्हें देने की मांग की है। कारपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीवी सिंह ने बताया कि टीएचडीसी के बुकांग-बेलिंग समेत इन पावर प्रोजेक्ट्स पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिनके निर्माण के लिए वह तैयार हैं। सरकार इसमें उनके साथ ज्वाइंट वेंचर के तहत भी कार्य कर सकती है, जिसका लाभ प्रदेश को ही मिलेगा।
पिथौरागढ़ स्थित धौलीगंगा घाटी में 330 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट पहले से ही टीएचडीसी के पास है। जिसकी डीपीआर का कार्य इसी साल के अंत तक पूरा करने की बात कारपोरेशन के सीएमडी डीवी सिंह ने कही है। घाटी में विभिन्न कंपनियों के निर्माणाधीन तीन पावर प्रोजेक्ट्स में कार्य धीमी गति से हो रहा है। यह प्रोजेक्ट भी टीएचडीसी को देने पर सरकार को विचार करना चाहिए। जिससे इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर प्रदेश को लाभान्वित किया जा सके।
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सीएमडी के मुताबिक इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत की थी, जिसमें उनसे कारपोरेशन की ओर से इन प्रोजेक्ट को पूरा करने की पेशकश की गई है। बताया कि घाटी में करीब 1000 मेगावाट के प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें वह कॉम्पलेक्स के तौर पर विकसित करना चाहते हैं। परियोजनाओं पर 10 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे, जिसे खर्च करने पर भी उन्होंने हामी भरी है। पावर प्रोजेक्ट बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार और राज्य को भी इसका लाभ मिलेगा। धौलीगंगा घाटी का यह क्षेत्र मस्ट ईयर सेंचुरी की डिमार्केशन से बाहर हैं। चारों प्रोजेक्ट के निर्माण में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
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