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रैन-पलबरा रोड की जांच का खुलासा औ कार्रवाई न होने पर जुलूश प्रदर्शन व धरना
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:17 PM IST
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देवाल। रैन-पलबरा मोटर मार्ग के डामरीकरण की जांच का खुलासा नहीं होने पर ग्रामीणों ने बाजार में प्रदर्शन कर प्रशासन पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने जांच का खुलासा करने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित तीन सूत्री मांग को लेकर ब्लाक कार्यालय में प्रदर्शन के बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरना स्थल पर वार्ता करने पहुंचे कानून गो को भी ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया। ग्रामीणों ने लोनिवि पर 28.88 लाख का घोटाले का आरोप लगाया।
एक ग्रामीण की ओर से सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में लोनिवि की ओर से वर्ष 2010 में रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर 1700 मीटर डामरीकरण पर 28.88 लाख का खर्च दिखाया गया था। जबकि जांच टीम नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह तथा ग्रामीण निर्माण निगम के एई रफद अली खान को निरीक्षण के दौरान सड़क पर न तो डामर मिला जबकि चौड़ाई भी मानकों से कम मिली। ग्रामीणों ने कहा कि निरीक्षण के बाद जांच का क्या हुआ, इस पर प्रशासन और विभाग ने चुप्पी साध ली है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की मिलीभगत से लोनिवि इस घोटाले का खर्चा पेट्रोल, डीजल सहित भवन पुनररक्षण मद में दिखा कर लीपापोती कर रहा है। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने मंगलवार से ब्लाक मुख्यालय पर धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण की जांच सार्वजनिक नहीं की जाती तब तब आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान प्रशासन की ओर से कानून गो एसएस बुटोला को वार्ता के लिए भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें लौटा दिया। प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह, प्रधान कुंवर राम, बृजमोहन गड़िया, खिलाप सिंह, गंगा सिंह, धीरेंद्र सिंह, रामचंद्र, बसंती देवी, तुलसी देवी, कुंदन राम, दिग्पाल सिंह, नरेंद्र सिंह, केदार राम, भजन मेहरा, लक्ष्मण सिंह, बाली मेहरा, मदुली देवी, हरूली देवी, लीला देवी, सुनीता देवी, देवराम और बलवंत राम सहित कई लोग शामिल थे।
एक ग्रामीण की ओर से सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में लोनिवि की ओर से वर्ष 2010 में रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर 1700 मीटर डामरीकरण पर 28.88 लाख का खर्च दिखाया गया था। जबकि जांच टीम नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह तथा ग्रामीण निर्माण निगम के एई रफद अली खान को निरीक्षण के दौरान सड़क पर न तो डामर मिला जबकि चौड़ाई भी मानकों से कम मिली। ग्रामीणों ने कहा कि निरीक्षण के बाद जांच का क्या हुआ, इस पर प्रशासन और विभाग ने चुप्पी साध ली है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की मिलीभगत से लोनिवि इस घोटाले का खर्चा पेट्रोल, डीजल सहित भवन पुनररक्षण मद में दिखा कर लीपापोती कर रहा है। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने मंगलवार से ब्लाक मुख्यालय पर धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क निर्माण की जांच सार्वजनिक नहीं की जाती तब तब आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान प्रशासन की ओर से कानून गो एसएस बुटोला को वार्ता के लिए भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें लौटा दिया। प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह, प्रधान कुंवर राम, बृजमोहन गड़िया, खिलाप सिंह, गंगा सिंह, धीरेंद्र सिंह, रामचंद्र, बसंती देवी, तुलसी देवी, कुंदन राम, दिग्पाल सिंह, नरेंद्र सिंह, केदार राम, भजन मेहरा, लक्ष्मण सिंह, बाली मेहरा, मदुली देवी, हरूली देवी, लीला देवी, सुनीता देवी, देवराम और बलवंत राम सहित कई लोग शामिल थे।
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