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आशा कार्यकत्रियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन
Updated Fri, 12 Jan 2018 10:33 PM IST
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गोपेश्वर। आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन की जिला इकाई ने सात सूत्री मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र मांगों पर कार्रवाई करने की मांग उठाई। कहा यदि सरकार शीघ्र मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं करती तो संगठन आंदोलन के बाध्य होगा।
जिले के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं आशा कार्यकत्रियां शुक्रवार को जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचीं और केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संगठन की जिला मंत्री संगीता राणा ने कहा कि सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी के साथ ही सरकारों की अन्य योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी कार्यकत्रियों को सौंपी गई है, लेकिन कार्य के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कहा कि संगठन लंबे समय से कार्यकत्रियों का मानदेय 18 हजार करने, कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने, दुर्घटना बीमा की व्यवस्था करवाने सहित सात सूत्री मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है लेकिन सरकार की ओर से मांगों की अनदेखी की जा रही है। इस मौके पर संगठन जिलाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट, यशोदा, सरिता, लक्ष्मी, अष्टमी, पवित्रा, हेमा, जशोदा, मीना मलेठा, सुनीता, दीपा सती, उर्मिल रावत, उमा कंडारी और भुवना आदि मौजूद थे।
जिले के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं आशा कार्यकत्रियां शुक्रवार को जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचीं और केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संगठन की जिला मंत्री संगीता राणा ने कहा कि सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी के साथ ही सरकारों की अन्य योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी कार्यकत्रियों को सौंपी गई है, लेकिन कार्य के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कहा कि संगठन लंबे समय से कार्यकत्रियों का मानदेय 18 हजार करने, कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने, दुर्घटना बीमा की व्यवस्था करवाने सहित सात सूत्री मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है लेकिन सरकार की ओर से मांगों की अनदेखी की जा रही है। इस मौके पर संगठन जिलाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट, यशोदा, सरिता, लक्ष्मी, अष्टमी, पवित्रा, हेमा, जशोदा, मीना मलेठा, सुनीता, दीपा सती, उर्मिल रावत, उमा कंडारी और भुवना आदि मौजूद थे।
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