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नगर आयुक्त ने जोंटा कंपनी का अंतिम भुगतान रोका
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
मानकों के मुताबिक अंडर ग्राउंड डस्टबिन न लगाने पर नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने जोंटा कंपनी का अंतिम भुगतान रोक दिया है। कई इलाकों से लोगों की शिकायतों के बाद नगर आयुक्त ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने डस्टबिनों के डिजाइन ठीक न होने तक भुगतान न करने के निर्देश वित्त विभाग के अफसरों को दिए हैं।
बता दें कि कंपनी ने शहरभर में 80 अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाए है। धर्मपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के पास समेत कई अन्य जगहों के लोगों ने अंडर ग्राउंड डस्टबिन को लेकर नगर आयुक्त से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि डस्टबिन का मुंह छोटा होने की वजह से उसमें कूड़ा नहीं जा रहा है। कूड़ा बाहर गिरने के चलते गंदगी का ढेर लग गया है, बदबू के चलते सांस लेना दूभर हो गया है। जिसके बाद नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा था। जिसमें लोगों की शिकायत सही पाई गई। नगर आयुक्त ने बताया कि जोंटा कंपनी ने करीब चार करोड़ रुपये की लागत से 32 जगहों पर 80 डस्टबिन लगाए थे। अभी कंपनी का आठ से दस लाख रुपये अंतिम भुगतान रुका है। बताया कि डस्टबिनों का डिजाइन मानकों के अनुसार करने के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा।
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छह महीने के बजाए एक साल बाद लगे डस्टबिन
जोंटा कंपनी को जुलाई 2016 में शहर के विभिन्न स्थानों पर अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाने का कार्य दिया गया है। अनुबंध के मुताबिक कंपनी को छह माह में सभी डस्टबिन लगाने थे, लेकिन दिसंबर 2017 में एक साल बाद जाकर कंपनी ने कार्य पूरा किया।
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कंपनी ने सभी डस्टबिन लगा दिए हैं। अधिकारियों के निर्देशों पर कुछ जगहों पर डस्टबिनों के डिजाइन को दुरुस्त किया जाना है।
- अभिषेक, प्रोजेक्ट मैनेजर जोंटा इंफोटेक
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मानकों के मुताबिक अंडर ग्राउंड डस्टबिन न लगाने पर नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने जोंटा कंपनी का अंतिम भुगतान रोक दिया है। कई इलाकों से लोगों की शिकायतों के बाद नगर आयुक्त ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने डस्टबिनों के डिजाइन ठीक न होने तक भुगतान न करने के निर्देश वित्त विभाग के अफसरों को दिए हैं।
बता दें कि कंपनी ने शहरभर में 80 अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाए है। धर्मपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के पास समेत कई अन्य जगहों के लोगों ने अंडर ग्राउंड डस्टबिन को लेकर नगर आयुक्त से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि डस्टबिन का मुंह छोटा होने की वजह से उसमें कूड़ा नहीं जा रहा है। कूड़ा बाहर गिरने के चलते गंदगी का ढेर लग गया है, बदबू के चलते सांस लेना दूभर हो गया है। जिसके बाद नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा था। जिसमें लोगों की शिकायत सही पाई गई। नगर आयुक्त ने बताया कि जोंटा कंपनी ने करीब चार करोड़ रुपये की लागत से 32 जगहों पर 80 डस्टबिन लगाए थे। अभी कंपनी का आठ से दस लाख रुपये अंतिम भुगतान रुका है। बताया कि डस्टबिनों का डिजाइन मानकों के अनुसार करने के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा।
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छह महीने के बजाए एक साल बाद लगे डस्टबिन
जोंटा कंपनी को जुलाई 2016 में शहर के विभिन्न स्थानों पर अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाने का कार्य दिया गया है। अनुबंध के मुताबिक कंपनी को छह माह में सभी डस्टबिन लगाने थे, लेकिन दिसंबर 2017 में एक साल बाद जाकर कंपनी ने कार्य पूरा किया।
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कंपनी ने सभी डस्टबिन लगा दिए हैं। अधिकारियों के निर्देशों पर कुछ जगहों पर डस्टबिनों के डिजाइन को दुरुस्त किया जाना है।
- अभिषेक, प्रोजेक्ट मैनेजर जोंटा इंफोटेक