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आफर में खरीदे वाहन, अब पंजीकरण का इंतजार
Updated Tue, 02 Jan 2018 02:17 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
दिसंबर आखिर में ग्राहकों को लुभाने के लिए वाहन कंपनियों के ऑफर पर देहरादून में वाहनों की जमकर बिक्री हुई। अधिकांश शोरूमों ने महीने की औसत बिक्री का लक्ष्य मात्र 10 दिनों में पूरा कर लिया। ऑफर में दोपहिया और कारों की खरीद से आरटीओ कार्यालय में वाहनों के पंजीकरण का दबाव बढ़ गया। इस लिहाज से पंजीकरण प्रक्रिया में वाहन स्वामियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
वाहन की वैल्यू उनके मैन्युफैक्चरिंग डेट से तय होती है। मैन्युफैक्चरिंग के महीनों तक वाहन की बिक्री नहीं होने पर कंपनियों एवं शोरूम संचालक उसमें ऑफर शुरू कर देते हैं। 31 दिसंबर गुजरने के साथ वाहन का मॉडल एक साल पुराना हो जाता है, भले ही उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट दिसंबर माह ही क्यों न हो। वाहन की बिक्री नहीं होेने पर शोरूम और कंपनी को नुकसान उठाना पड़ता है। नुकसान से बचने के लिए कंपनियां दिसंबर दूसरे पखवाड़े से ग्राहकों को लुभाने के लिए ऑफर शुरू कर देते हैं। ऑफर मिलने पर ग्राहक भी दिलचस्पी दिखाते हैं।
आरटीओ सुधांशु गर्ग के मुताबिक दिसंबर आखिरी 10 दिनों में दोपहिया और कार की जमकर बिक्री हुई है। अधिकांश शोरूम संचालकों ने महीने भर की बिक्री का लक्ष्य दिसंबर आखिरी सप्ताह में ही पूरा कर लिया है। आरटीओ कार्यालय में वाहनों के रजिस्ट्रेशन की फाइलें आने लगी हैं। फाइलें बढ़ने से आरटीओ आफिस में दबाव बढ़ा है। बताया कि सामान्य तौर पर प्रति माह औसतन करीब पांच हजार वाहनों का पंजीकरण होता है। जनवरी में भी वाहनों के नए मॉडल आने पर बिक्री बढ़ जाएगी। इस लिहाज से पंजीकरण का दबाव अधिक रहेगा।
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दिसंबर आखिर में ग्राहकों को लुभाने के लिए वाहन कंपनियों के ऑफर पर देहरादून में वाहनों की जमकर बिक्री हुई। अधिकांश शोरूमों ने महीने की औसत बिक्री का लक्ष्य मात्र 10 दिनों में पूरा कर लिया। ऑफर में दोपहिया और कारों की खरीद से आरटीओ कार्यालय में वाहनों के पंजीकरण का दबाव बढ़ गया। इस लिहाज से पंजीकरण प्रक्रिया में वाहन स्वामियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
वाहन की वैल्यू उनके मैन्युफैक्चरिंग डेट से तय होती है। मैन्युफैक्चरिंग के महीनों तक वाहन की बिक्री नहीं होने पर कंपनियों एवं शोरूम संचालक उसमें ऑफर शुरू कर देते हैं। 31 दिसंबर गुजरने के साथ वाहन का मॉडल एक साल पुराना हो जाता है, भले ही उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट दिसंबर माह ही क्यों न हो। वाहन की बिक्री नहीं होेने पर शोरूम और कंपनी को नुकसान उठाना पड़ता है। नुकसान से बचने के लिए कंपनियां दिसंबर दूसरे पखवाड़े से ग्राहकों को लुभाने के लिए ऑफर शुरू कर देते हैं। ऑफर मिलने पर ग्राहक भी दिलचस्पी दिखाते हैं।
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आरटीओ सुधांशु गर्ग के मुताबिक दिसंबर आखिरी 10 दिनों में दोपहिया और कार की जमकर बिक्री हुई है। अधिकांश शोरूम संचालकों ने महीने भर की बिक्री का लक्ष्य दिसंबर आखिरी सप्ताह में ही पूरा कर लिया है। आरटीओ कार्यालय में वाहनों के रजिस्ट्रेशन की फाइलें आने लगी हैं। फाइलें बढ़ने से आरटीओ आफिस में दबाव बढ़ा है। बताया कि सामान्य तौर पर प्रति माह औसतन करीब पांच हजार वाहनों का पंजीकरण होता है। जनवरी में भी वाहनों के नए मॉडल आने पर बिक्री बढ़ जाएगी। इस लिहाज से पंजीकरण का दबाव अधिक रहेगा।
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