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एम्स में किडनी कैंसर रोग से मुक्त हुए रोगी
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:02 AM IST
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फाइल फोटो नेम-
एम्स में कैंसर रोगियों का हुआ सफल उपचार
-- की-होल सर्जरी से किया इलाज, यूरीन में ब्लड और पेट दर्द की शिकायत पर हुए थे भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) ऋषिकेश में यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने ऋषिकेश निवासी दो रोगियों का किडनी कैंसर का सफल उपचार करने में कामयाबी हासिल की है। विभाग की टीम ने किडनी कैंसर के इन दोनों रोगियों का की-होल सर्जरी के माध्यम से इलाज किया। एम्स ऋषिकेश के पीआरओ हरीश थपलियाल के मुताबिक ऋषिकेश निवासी 54 और 60 वर्षीय दो मरीजों को यूरिन में खून और पेट में दर्द की शिकायत पर उन्हें परिजनों ने संस्थान में इलाज के लिए भर्ती कराया। बताया कि दोनों मरीजों की जांच में किडनी कैंसर की पुष्टि हुई।
मरीजों के उपचार के दौरान उनकी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (की-होल सर्जरी) की गई। जिसमें उनके शरीर में एक-एक सेंटीमीटर के छोटे-छोटे छिद्रों से उनका उपचार किया गया। बताया कि चिकित्सकीय टीम ने दोनों मरीजों को किडनी कैंसर मुक्त करने में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों को स्थिर अवस्था में एम्स से छुट्टी दे दी गई है। बताया कि इस बीमारी के उपचार के लिए पहले शरीर में 15 से 20 सेंटीमीटर लंबे चीरे लगाने पड़ते थे। मगर अब चिकित्सकीय उपकरण और चिकित्सकों के प्रशिक्षण में उन्नति के साथ ऐसे कैंसर का इलाज की-होल सर्जरी के माध्यम से तीन छोटे-छोटे छिद्रों के जरिए सफलता से कर दिया जाता है। बताया कि चिकित्सा की इस प्रणाली में रोगी को दर्द भी कम होता है।
10 हजार में हुआ रोगियों का इलाज
ऋषिकेश। यूरोलॉजी विभाग में फैकल्टी डा. अंकुर मित्तल ने बताया कि निजी अस्पताल में इस बीमारी के इलाज पर करीब दो लाख रुपये खर्च आता है, जबकि एम्स में इस उपचार पर मरीजों के सिर्फ दस हजार रुपये खर्च हुए। डा. अंकुर ने लोगों को हेल्थ टिप्स देते हुए बताया कि धुम्रपान से हर हाल में बचने का प्रयास किया जाना चाहिए। साथ ही गैर संचारी रोग जिनमें मोटापा व उच्च रक्तचाप से निजात पाने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
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रोबोटिक सर्जरी की सुविधा जल्द
ऋषिकेश। एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने बताया कि एम्स में जल्द रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी मरीजों को मिल सकेगी। जिसमें रोबोट के माध्यम से अत्याधुनिक ढंग से जटिल सर्जरी मिनिमम इनवेसन के साथ की जा सकेगी। बताया कि संस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नए-नए तकनीकी का इस्तेमाल कर मरीजों का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यूरोलॉजी विभाग की टीम को किडनी कैंसर के सफल उपचार पर बधाई भी दी ।
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एम्स में कैंसर रोगियों का हुआ सफल उपचार
-- की-होल सर्जरी से किया इलाज, यूरीन में ब्लड और पेट दर्द की शिकायत पर हुए थे भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) ऋषिकेश में यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने ऋषिकेश निवासी दो रोगियों का किडनी कैंसर का सफल उपचार करने में कामयाबी हासिल की है। विभाग की टीम ने किडनी कैंसर के इन दोनों रोगियों का की-होल सर्जरी के माध्यम से इलाज किया। एम्स ऋषिकेश के पीआरओ हरीश थपलियाल के मुताबिक ऋषिकेश निवासी 54 और 60 वर्षीय दो मरीजों को यूरिन में खून और पेट में दर्द की शिकायत पर उन्हें परिजनों ने संस्थान में इलाज के लिए भर्ती कराया। बताया कि दोनों मरीजों की जांच में किडनी कैंसर की पुष्टि हुई।
मरीजों के उपचार के दौरान उनकी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (की-होल सर्जरी) की गई। जिसमें उनके शरीर में एक-एक सेंटीमीटर के छोटे-छोटे छिद्रों से उनका उपचार किया गया। बताया कि चिकित्सकीय टीम ने दोनों मरीजों को किडनी कैंसर मुक्त करने में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों को स्थिर अवस्था में एम्स से छुट्टी दे दी गई है। बताया कि इस बीमारी के उपचार के लिए पहले शरीर में 15 से 20 सेंटीमीटर लंबे चीरे लगाने पड़ते थे। मगर अब चिकित्सकीय उपकरण और चिकित्सकों के प्रशिक्षण में उन्नति के साथ ऐसे कैंसर का इलाज की-होल सर्जरी के माध्यम से तीन छोटे-छोटे छिद्रों के जरिए सफलता से कर दिया जाता है। बताया कि चिकित्सा की इस प्रणाली में रोगी को दर्द भी कम होता है।
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10 हजार में हुआ रोगियों का इलाज
ऋषिकेश। यूरोलॉजी विभाग में फैकल्टी डा. अंकुर मित्तल ने बताया कि निजी अस्पताल में इस बीमारी के इलाज पर करीब दो लाख रुपये खर्च आता है, जबकि एम्स में इस उपचार पर मरीजों के सिर्फ दस हजार रुपये खर्च हुए। डा. अंकुर ने लोगों को हेल्थ टिप्स देते हुए बताया कि धुम्रपान से हर हाल में बचने का प्रयास किया जाना चाहिए। साथ ही गैर संचारी रोग जिनमें मोटापा व उच्च रक्तचाप से निजात पाने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
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रोबोटिक सर्जरी की सुविधा जल्द
ऋषिकेश। एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने बताया कि एम्स में जल्द रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी मरीजों को मिल सकेगी। जिसमें रोबोट के माध्यम से अत्याधुनिक ढंग से जटिल सर्जरी मिनिमम इनवेसन के साथ की जा सकेगी। बताया कि संस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नए-नए तकनीकी का इस्तेमाल कर मरीजों का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यूरोलॉजी विभाग की टीम को किडनी कैंसर के सफल उपचार पर बधाई भी दी ।