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संस्कृत विवि में दो माह से लटकर बीएड में पीएचडी का रिजल्ट
Updated Wed, 22 Nov 2017 10:30 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में दो माह से बीएड विभाग (शिक्षा शास्त्री) में छात्र-छात्राओं का साक्षात्कार के बावजूद पीएचडी की प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं हो पाया है। जबकि विवि में संचालित अन्य विषय में छात्र-छात्राओं का पीएचडी में पंजीकरण हो गया है।
संस्कृत विश्वविद्यालय के बीएड विभाग में पीएचडी की रिक्त 16 सीटों पर सितंबर माह में छात्र-छात्राओं का साक्षात्कार हुआ था। इसके आधार पर चयनित छात्र-छात्राओं की सूची विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन चंद्र बलोदी को जारी करनी थी। इसके कुुछ समय बाद ही प्रो. बलोदी की नियुक्ति में मिली गड़बड़ी के आधार पर उन्हें निलंबित कर डा. अरविंद नारायण मिश्र को बीएड का विभागाध्यक्ष बनाया गया था। प्रो. बलोदी के निलंबन के बाद विवि प्रशासन ने कईं बार उन्हें पीएचडी के साक्षात्कार का रिजल्ट जमा करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सूूची विवि प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराई। इससे बीएड विभाग में पीएचडी की 16 सीटों पर छात्रों का पंजीकरण नहीं हो सका। अब प्रो.बलोदी के निलंबन का मामला कोर्ट में होने से साक्षात्कार के रिजल्ट को लेकर विवि प्रशासन कोईं कदम उठाने से भी बच रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने बताया के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन चंद्र बलोदी की ओर से कई बार पत्र जारी करने के बाद भी रिजल्ट जमा नहीं कराया गया। अब मामला कोर्ट मेें होने से विवि प्रशासन आगे कोई कदम नहीं उठा पा रहा है।
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में दो माह से बीएड विभाग (शिक्षा शास्त्री) में छात्र-छात्राओं का साक्षात्कार के बावजूद पीएचडी की प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं हो पाया है। जबकि विवि में संचालित अन्य विषय में छात्र-छात्राओं का पीएचडी में पंजीकरण हो गया है।
संस्कृत विश्वविद्यालय के बीएड विभाग में पीएचडी की रिक्त 16 सीटों पर सितंबर माह में छात्र-छात्राओं का साक्षात्कार हुआ था। इसके आधार पर चयनित छात्र-छात्राओं की सूची विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन चंद्र बलोदी को जारी करनी थी। इसके कुुछ समय बाद ही प्रो. बलोदी की नियुक्ति में मिली गड़बड़ी के आधार पर उन्हें निलंबित कर डा. अरविंद नारायण मिश्र को बीएड का विभागाध्यक्ष बनाया गया था। प्रो. बलोदी के निलंबन के बाद विवि प्रशासन ने कईं बार उन्हें पीएचडी के साक्षात्कार का रिजल्ट जमा करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सूूची विवि प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराई। इससे बीएड विभाग में पीएचडी की 16 सीटों पर छात्रों का पंजीकरण नहीं हो सका। अब प्रो.बलोदी के निलंबन का मामला कोर्ट में होने से साक्षात्कार के रिजल्ट को लेकर विवि प्रशासन कोईं कदम उठाने से भी बच रहा है।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने बताया के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन चंद्र बलोदी की ओर से कई बार पत्र जारी करने के बाद भी रिजल्ट जमा नहीं कराया गया। अब मामला कोर्ट मेें होने से विवि प्रशासन आगे कोई कदम नहीं उठा पा रहा है।
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