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नदी का जल स्तर बढने पर स्वत: ही फोल्ड हो जाएगा पुल
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:02 PM IST
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श्रीनगर। उत्तराखंड में आपदाओं के दौरान पुल टूटने की घटनाओं से निजात दिलाने के लिए छात्रों ने एक ऐसे पुल का मॉडल तैयार किया है जो जल स्तर बढ़ने पर स्वत: ही फोल्ड हो जाएगा। साथ ही पुल के समीप लगे स्पीड ब्रेकर से बिजली भी पैदा की जा सकेगी। छात्रों के इस मॉडल को कई प्रतियोगिता में पुरस्कृत भी किया गया है।
भगवती मेमोरियल पब्लिक स्कूल के कक्षा 10वीं के छात्र अंकित और गौरव ने पुल का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है। जो नदी का जल स्तर बढ़ने पर सायरन से वाहनों को सचेत करेगा। यदि नदी का जल स्तर अत्यधिक बढ़ गया तो यह पुल स्वत: ही फोल्ड हो जाएगा, इतना ही नहीं पुल को कार्य करने के लिए बिजली भी पुल से गुजरने वाले वाहनों के दबाव से उत्पन्न की जाएगी। छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड में अत्यधिक आपदाएं आती हैं, जिससे अक्सर नदियों पर बने पुल बह या टूट जाते हैं। यदि उत्तराखंड की नदियों में इस प्रकार के पुलों का निर्माण किया जाए तो पुलों के टूटने व बहने की घटनाओं पर रोक लग सकती है।
कैसे होगा पुल फोल्ड
पुल पर सेंसर (360 एनटूएच) का प्रयोग किया गया है। पानी बढ़ते ही पुल पर लगे सायरन बजने लगते हैं, जिससे पुल से गुजर रहे वाहन सतर्क हो जाते हैं। नदी का स्तर अत्यधिक बढ़ने पर सेंसर के माध्यम से पुल स्वत: ही फोल्ड हो जाता है।
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ऐसे पैदा होगी बिजली
पुल के समीप बने स्पीड ब्रेकरों पर फिजो इलेक्ट्रिकल ऐलीमेंटस लगाए गए हैं। ऐलीमेंटस दबाव ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। जैसे ही पुल के समीप बनाए गए स्पीड ब्रेकर के ऊपर से वाहन गुजरेंगे, फिजो इलेक्ट्रिकल ऐलीमेंटस वाहनों की दबाव ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल देंगे। इस विद्युत ऊर्जा से पुल के सेंसर कार्य करेंगे। साथ ही यह बिजली पुल पर प्रकाश व्यवस्था के लिए भी काम आएगी।
भगवती मेमोरियल पब्लिक स्कूल के कक्षा 10वीं के छात्र अंकित और गौरव ने पुल का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है। जो नदी का जल स्तर बढ़ने पर सायरन से वाहनों को सचेत करेगा। यदि नदी का जल स्तर अत्यधिक बढ़ गया तो यह पुल स्वत: ही फोल्ड हो जाएगा, इतना ही नहीं पुल को कार्य करने के लिए बिजली भी पुल से गुजरने वाले वाहनों के दबाव से उत्पन्न की जाएगी। छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड में अत्यधिक आपदाएं आती हैं, जिससे अक्सर नदियों पर बने पुल बह या टूट जाते हैं। यदि उत्तराखंड की नदियों में इस प्रकार के पुलों का निर्माण किया जाए तो पुलों के टूटने व बहने की घटनाओं पर रोक लग सकती है।
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कैसे होगा पुल फोल्ड
पुल पर सेंसर (360 एनटूएच) का प्रयोग किया गया है। पानी बढ़ते ही पुल पर लगे सायरन बजने लगते हैं, जिससे पुल से गुजर रहे वाहन सतर्क हो जाते हैं। नदी का स्तर अत्यधिक बढ़ने पर सेंसर के माध्यम से पुल स्वत: ही फोल्ड हो जाता है।
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ऐसे पैदा होगी बिजली
पुल के समीप बने स्पीड ब्रेकरों पर फिजो इलेक्ट्रिकल ऐलीमेंटस लगाए गए हैं। ऐलीमेंटस दबाव ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। जैसे ही पुल के समीप बनाए गए स्पीड ब्रेकर के ऊपर से वाहन गुजरेंगे, फिजो इलेक्ट्रिकल ऐलीमेंटस वाहनों की दबाव ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल देंगे। इस विद्युत ऊर्जा से पुल के सेंसर कार्य करेंगे। साथ ही यह बिजली पुल पर प्रकाश व्यवस्था के लिए भी काम आएगी।