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आश्वासन के बाद भी नहीं मिली ग्रामीणों को भूमि
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:02 PM IST
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जोशीमठ। साल 2009-10 में प्रदेश सरकार ने सेफ गेम्स के लिए औली में सलूड़-डुंगरा गांव के ग्रामीणों की भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके एवज में ग्रामीणों को अन्यत्र भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक ग्रामीणों को भूमि नहीं दी गई है। ऐसे में ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
औली में वर्ष 2009-10 में आयोजित सेफ गेम्स के दौरान अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने सलूड़-डुंगरा गांव के 17 ग्रामीणों की गोशालाओं का अधिग्रहण किया गया था। इसके एवज में प्रत्येक ग्रामीणों को दस मुट्ठी भूमि अन्यत्र पट्टे पर उपलब्ध कराने के लिए शासनादेश जारी किया गया था। सात वर्ष बाद भी ग्रामीणों को भूमि का लाभ नहीं मिल पाया है। कुलदीप चौहान, चंदन सिंह भंडारी, शिव सिंह भंडारी, महावीर भंडारी, शरद सिंह और लाल सिंह का कहना है कि गोशाला के लिए भूमि उपलब्ध न होने से पशुपालन की दिक्कतें आ रही हैं। वहीं उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की मांग पर भूमि अधिग्रहण की जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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