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राज्य स्थापना दिवस के मौके पर विचार गोष्ठी का आयोजन
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:58 AM IST
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उत्तराखंड में विकास की गति अत्यधिक धीमी
-- ‘आज से 17 वर्ष पूर्व’ व ‘वर्तमान उत्तराखंड शीर्षक’ विषय पर आयोजित की गोष्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश । नागरिक कल्याण संगठन व पर्वतीय लोक कल्याण समिति की ओर से राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। रविवार को नगर पालिका के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित संगोष्ठी का शहीद राज्य आंदोलनकारियों को पुष्पांजलि देकर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर ‘आज से 17 वर्ष पूर्व’ व ‘वर्तमान उत्तराखंड शीर्षक’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
डा. सुनील थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड में विकास की गति अत्यधिक धीमी है। राज्य में बनने वाली सरकारें राज्य के विकास के लिए ठीक से योजना नहीं बना पा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता शीशराम कंसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा टिहरी में बांध का निर्माण किया गया, जिसकी अवधि 2012 में पूरी हो चुकी है। लेकिन इसका लाभ अभी भी टीएचडीसी को मिल रहा है। वर्तमान सरकार को बांध परियोजना को अपने हाथों में लेकर इससे अर्जित राजस्व को राज्य के विकास में लगाना चाहिए।
लोक गायक विनोद बिजल्वाण ने कहा कि राज्य के शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में बनाए गए स्मारकों का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। उनकी ओर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है। वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आरक्षण नीति के अंतर्गत किया गया था, मगर वर्तमान में अन्य राज्यों के लोग यहां रोजगार पा रहे हैं जबकि स्थानीय लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
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राज्य आंदोलनकारी विजयलक्ष्मी गुसाईं ने कहा कि जिस उद्देश्य से राज्य का निर्माण किया गया, वह परिकल्पना आज भी साकार नहीं हो पाई। कहा कि पलायन रोकने के लिए सरकार को ठोस नीति बनाने की जरूरत है। पूर्व दरजाधारी राज्यमंत्री उषा रावत ने कहा कि स्वयं को राज्य आंदोलनकारी बताने वाले स्वयंभू राज्य के लिए शहादत देने वालों के शहादत दिवस पर एकत्रित नहीं हो पाते हैं।
इस अवसर पर विमला रावत, प्यारेलाल जुगलाण, जयेंद्र रमोला, बृजेश निगम, जयपाल जाटव, सैयद मुमताज हाशिम, सतीश कुमार, बृजपाल राणा, जेपी ध्यानी, सोहन लाल, ध्यान सिंह, धीरेंद्र रांगड़, रमेशचंद्र, मधु जोशी, चंद्रकांता जोशी, हरीश आनंद, शिवमोहन मिश्र, प्रदीप चंद्र, कमल कुमार जैन, सुुभाष जखमोला आदि मौजूद थे।
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उत्तराखंड में विकास की गति अत्यधिक धीमी
-- ‘आज से 17 वर्ष पूर्व’ व ‘वर्तमान उत्तराखंड शीर्षक’ विषय पर आयोजित की गोष्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश । नागरिक कल्याण संगठन व पर्वतीय लोक कल्याण समिति की ओर से राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। रविवार को नगर पालिका के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित संगोष्ठी का शहीद राज्य आंदोलनकारियों को पुष्पांजलि देकर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर ‘आज से 17 वर्ष पूर्व’ व ‘वर्तमान उत्तराखंड शीर्षक’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
डा. सुनील थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड में विकास की गति अत्यधिक धीमी है। राज्य में बनने वाली सरकारें राज्य के विकास के लिए ठीक से योजना नहीं बना पा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता शीशराम कंसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा टिहरी में बांध का निर्माण किया गया, जिसकी अवधि 2012 में पूरी हो चुकी है। लेकिन इसका लाभ अभी भी टीएचडीसी को मिल रहा है। वर्तमान सरकार को बांध परियोजना को अपने हाथों में लेकर इससे अर्जित राजस्व को राज्य के विकास में लगाना चाहिए।
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लोक गायक विनोद बिजल्वाण ने कहा कि राज्य के शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में बनाए गए स्मारकों का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। उनकी ओर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है। वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आरक्षण नीति के अंतर्गत किया गया था, मगर वर्तमान में अन्य राज्यों के लोग यहां रोजगार पा रहे हैं जबकि स्थानीय लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
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राज्य आंदोलनकारी विजयलक्ष्मी गुसाईं ने कहा कि जिस उद्देश्य से राज्य का निर्माण किया गया, वह परिकल्पना आज भी साकार नहीं हो पाई। कहा कि पलायन रोकने के लिए सरकार को ठोस नीति बनाने की जरूरत है। पूर्व दरजाधारी राज्यमंत्री उषा रावत ने कहा कि स्वयं को राज्य आंदोलनकारी बताने वाले स्वयंभू राज्य के लिए शहादत देने वालों के शहादत दिवस पर एकत्रित नहीं हो पाते हैं।
इस अवसर पर विमला रावत, प्यारेलाल जुगलाण, जयेंद्र रमोला, बृजेश निगम, जयपाल जाटव, सैयद मुमताज हाशिम, सतीश कुमार, बृजपाल राणा, जेपी ध्यानी, सोहन लाल, ध्यान सिंह, धीरेंद्र रांगड़, रमेशचंद्र, मधु जोशी, चंद्रकांता जोशी, हरीश आनंद, शिवमोहन मिश्र, प्रदीप चंद्र, कमल कुमार जैन, सुुभाष जखमोला आदि मौजूद थे।