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जल विद्युत परियोजना कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:20 PM IST
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श्रीनगर। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधियों और काश्तकारों ने परियोजना संचालन कर रही कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। एक माह में मांग पूरी न होने पर विद्युत उत्पादन ठप करने की भी चेतावनी दी।
कीर्तिनगर के जनप्रतिनिधियों की श्रीनगर में हुई बैठक में कहा गया कि परियोजना निर्माण के लिए कंपनी ने उनकी भूमि अधिग्रहीत की, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं दिया। प्रभावित बेरोजगारों को नौकरी नहीं दी गई। स्थिति यह है कि कंपनी प्रभावितों के साथ वार्ता करने को तैयार नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि जब परियोजना निर्माण हो रहा था, प्रभावितों ने कंपनी का साथ दिया। परियोजना को बचाने के लिए संघर्ष किया गया। इसके बाद भी कंपनी अपने वादों से मुकर रही है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि चौरास क्षेत्र में परियोजना निर्माण से सड़क खस्ताहाल बनी हैं। कंपनी ने प्रभावितों को मुआवजे के चेक दिए, लेकिन इन चेकों से भुगतान नहीं हुआ। धारी देवी मंदिर का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि कंपनी को अब कार्रवाई के लिए एक माह का समय दिया गया है। बैठक में पूर्व ब्लाक प्रमुख विजयंत निजवाला, डा. प्रताप भंडारी, कीर्तिराम जुगरान, अंबेडकर समिति के अध्यक्ष बचदेव भारद्वाज, क्षेत्र पंचायत सदस्य केशवानंद बहुगुणा और पुष्पा जोशी आदि ने विचार रखे।
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