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ज्ञान के साथ संस्कारों की शिक्षा भी देता है गुरुकुल
Updated Sat, 09 Sep 2017 10:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विवि एक ऐसा शिक्षण संस्थान है, जहां तकनीकी के साथ छात्रों को संस्कार और राष्ट्रवाद की भी शिक्षा दी जाती है। शिक्षा पूरी होने के बाद गुरुकुल के छात्रों से अपेक्षा की जाती है, कि वह अनुशासन के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
विवि के स्वामी श्रद्धानंद छात्रावास में नए छात्रों के प्रवेश के अवसर पर आयोजित यज्ञ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्राचीनकाल से ही हम यज्ञ के माध्यम से अपने इष्ट देवों की आराधना करते आए हैं। यज्ञ से सभी प्रकार की शक्तियां प्राप्त होती है। कहा कि केवल ज्ञान देना शिक्षण संस्थाओं का पूर्ण उद्देश्य नहीं हैं। ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में छात्रों के संस्कार और विवेक पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. मुकेश रंजन वर्मा ने कहा कि चरित्रवान छात्र ही आगे चलकर देश और सामाज की सेवा कर सकता हैं। कहा कि यज्ञ के इस अवसर पर छात्रों को अच्छे अंक प्राप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। गुरुकुल कांगड़ी एक ऐसा विवि है, जिसमें छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ चरित्रवान भी बनाया जाता है। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकायाध्यक्ष डा. सुनील पंवार ने कहा कि विवि देश को अच्छे इंजीनियर दिए हैं। आज दुनिया के 40 देशों में गुरुकुल विवि के इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह विवि के लिए एक गौरव की बात है। कार्यक्रम में प्रो. सोहनपाल आर्य, प्रो. सीपी खोखर, यज्ञ के ब्रह्मा प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक एवं छात्रावास अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र बालियान ने संचालन किया। डा. मुरली मनोहर तिवारी ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष डा. तनुज गर्ग, डा. अजय मलिक, डा. मयंक अग्रवाल, डा. संजीव लांबा, गजेंद्र रावत, धनपाल, छात्रावास सुपारवाइज विनोद कुमार शर्मा, अनुज कुमार, जतिन आदि मौजूद थे। छात्रावास के छात्रों ने यज्ञ में आहुति डालते श्रेष्ठ नागरिक बनने का संकल्प लिया।
हरिद्वार।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विवि एक ऐसा शिक्षण संस्थान है, जहां तकनीकी के साथ छात्रों को संस्कार और राष्ट्रवाद की भी शिक्षा दी जाती है। शिक्षा पूरी होने के बाद गुरुकुल के छात्रों से अपेक्षा की जाती है, कि वह अनुशासन के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
विवि के स्वामी श्रद्धानंद छात्रावास में नए छात्रों के प्रवेश के अवसर पर आयोजित यज्ञ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्राचीनकाल से ही हम यज्ञ के माध्यम से अपने इष्ट देवों की आराधना करते आए हैं। यज्ञ से सभी प्रकार की शक्तियां प्राप्त होती है। कहा कि केवल ज्ञान देना शिक्षण संस्थाओं का पूर्ण उद्देश्य नहीं हैं। ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में छात्रों के संस्कार और विवेक पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. मुकेश रंजन वर्मा ने कहा कि चरित्रवान छात्र ही आगे चलकर देश और सामाज की सेवा कर सकता हैं। कहा कि यज्ञ के इस अवसर पर छात्रों को अच्छे अंक प्राप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। गुरुकुल कांगड़ी एक ऐसा विवि है, जिसमें छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ चरित्रवान भी बनाया जाता है। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकायाध्यक्ष डा. सुनील पंवार ने कहा कि विवि देश को अच्छे इंजीनियर दिए हैं। आज दुनिया के 40 देशों में गुरुकुल विवि के इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह विवि के लिए एक गौरव की बात है। कार्यक्रम में प्रो. सोहनपाल आर्य, प्रो. सीपी खोखर, यज्ञ के ब्रह्मा प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक एवं छात्रावास अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र बालियान ने संचालन किया। डा. मुरली मनोहर तिवारी ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष डा. तनुज गर्ग, डा. अजय मलिक, डा. मयंक अग्रवाल, डा. संजीव लांबा, गजेंद्र रावत, धनपाल, छात्रावास सुपारवाइज विनोद कुमार शर्मा, अनुज कुमार, जतिन आदि मौजूद थे। छात्रावास के छात्रों ने यज्ञ में आहुति डालते श्रेष्ठ नागरिक बनने का संकल्प लिया।
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