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1.36 करोड़ से पानी की किल्लत दूर होगी
Updated Fri, 25 Aug 2017 01:59 AM IST
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136 लाख से बुझेगी शहरवासियों की प्यास
- जलसंस्थान ने शासन को भेजा ट्यूबवेल व जलाशय निर्माण का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेेश।
नगर व समीपवर्ती क्षेत्रों में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। जल संस्थान ने शासन को एक करोड़ 36 लाख का प्रस्ताव भेजा है। पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नगर और समीपवर्ती इलाकों में ट्यूबवेल लगाने, पेयजल टैंक का निर्माण व पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। लंबे अरसे से पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। पेयजल की समस्या को लेकर लोग इसके लिए जल संस्थान कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन से लेकर अधिकारियों का घेराव भी कर चुके हैं। इसके बाद हरकत में आए जल संस्थान के अधिकारियों को नागरिकों की पेयजल समस्या के निराकरण की सुध आई है।
विभाग द्वारा शासन को 136 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए तमाम स्थानों पर जरुरी संसाधन जुटाए जाएंगे। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता मनोज डबराल ने बताया इस साल विभाग द्वारा शासन को एक करोड़, 17 लाख व 18 लाख के तीन अलग अलग प्रस्ताव भेजे गए हैं। भेजे गए प्रस्तावों के तहत ऋषिकेश स्थित भरत विहार कॉलोनी में 1.17 करोड़ का ट्यूूबवेल निर्माण, ओवरहैड टैंक व पाइप लाइन बिछाने आदि का कार्य किए जाने हैं। इसके अलावा शिवा इंक्लेव, आवास-विकास कॉलोनी में 19 लाख से पेयजल पाइप लाइन बिछाने व अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। बताया कि संसाधनों की कमी के चलते गर्मी के मौसम में क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा जाता है। जिसे दूर करने के लिए जल संस्थान प्रयासरत है।
क्या कहते हैं जलकल अभियंता
क्षेत्र में पेयजल संकट का सबसे बड़ा कारण जनसंख्या के अनुरूप पानी की पूर्ति नहीं होना है। सीमित संसाधनों से पेयजल समस्या को दूर कर पाना बेहद मुश्किल होता है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं, बजट को मंजूरी मिलते ही योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।
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-- एवीएस रावत, जलकल अभियंता जलसंस्थान ऋषिकेश
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- जलसंस्थान ने शासन को भेजा ट्यूबवेल व जलाशय निर्माण का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेेश।
नगर व समीपवर्ती क्षेत्रों में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। जल संस्थान ने शासन को एक करोड़ 36 लाख का प्रस्ताव भेजा है। पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नगर और समीपवर्ती इलाकों में ट्यूबवेल लगाने, पेयजल टैंक का निर्माण व पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। लंबे अरसे से पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। पेयजल की समस्या को लेकर लोग इसके लिए जल संस्थान कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन से लेकर अधिकारियों का घेराव भी कर चुके हैं। इसके बाद हरकत में आए जल संस्थान के अधिकारियों को नागरिकों की पेयजल समस्या के निराकरण की सुध आई है।
विभाग द्वारा शासन को 136 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए तमाम स्थानों पर जरुरी संसाधन जुटाए जाएंगे। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता मनोज डबराल ने बताया इस साल विभाग द्वारा शासन को एक करोड़, 17 लाख व 18 लाख के तीन अलग अलग प्रस्ताव भेजे गए हैं। भेजे गए प्रस्तावों के तहत ऋषिकेश स्थित भरत विहार कॉलोनी में 1.17 करोड़ का ट्यूूबवेल निर्माण, ओवरहैड टैंक व पाइप लाइन बिछाने आदि का कार्य किए जाने हैं। इसके अलावा शिवा इंक्लेव, आवास-विकास कॉलोनी में 19 लाख से पेयजल पाइप लाइन बिछाने व अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। बताया कि संसाधनों की कमी के चलते गर्मी के मौसम में क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा जाता है। जिसे दूर करने के लिए जल संस्थान प्रयासरत है।
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क्या कहते हैं जलकल अभियंता
क्षेत्र में पेयजल संकट का सबसे बड़ा कारण जनसंख्या के अनुरूप पानी की पूर्ति नहीं होना है। सीमित संसाधनों से पेयजल समस्या को दूर कर पाना बेहद मुश्किल होता है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं, बजट को मंजूरी मिलते ही योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।
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-- एवीएस रावत, जलकल अभियंता जलसंस्थान ऋषिकेश