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जल्द ही आपदा प्रभावित गणाई और दाड़मी के ग्रामीणों को मिल जाएंगे नए आशियाने
Updated Thu, 17 Aug 2017 09:59 PM IST
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प्रमोद सेमवाल
गोपेश्वर।
दो दशक से आपदा की मार झेल रहे गणांई और दाड़मी गांव के आपदा प्रभावितों को जल्द नए आशियाने मिल जाएंगे। शासन ने पुनर्वास के लिए शीर्ष प्राथमिकता में रखे गणांई और दाड़मी गांवों की आपदा की रिपोर्ट तलब की है। इस पर प्रशासन की ओर से गांवों का सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है।
29 मार्च वर्ष 1999 में चमोली जिले में आए विनाशकारी भूकंप से गणांई गांव के ऊपरी और बांयी ओर के चट्टानों से भूस्खलन हुआ था तब से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के बाद से भूस्खलन का दायरा बढ़ गया, जिससे गणांई और दाणमी गांवों को खतरा हो गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत ने कहा कि विधायक से लेकर सीएम तक गांव के विस्थापन की मांग की गई लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। बारिश होने पर ग्रामीण रतजगा करते हैं लेकिन अब गांवों के पुनर्वास की उम्मीद जगी है। डीएम आशीष जोशी ने बताया कि गणांई गांव में 135 और दाड़मी गांव में 43 परिवार रहते हैं। दोनों गांवों के पुनर्वास की योजना तैयार की जा रही है, जबकि कनोल गांव के साठ परिवारों के पुनर्वास की कार्रवाई शासन स्तर पर चल रही है। जल्द जिले के तीनों गांवों का नई जगहों पर पुनर्वास कर दिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि गणांई व दाणमी गांव का भू-वैज्ञानिकों की टीम की ओर से भूगर्भीय सर्वेक्षण कार्य भी किया गया है। जल्द गांवों का पुनर्वास कर दिया जाएगा।
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गोपेश्वर।
दो दशक से आपदा की मार झेल रहे गणांई और दाड़मी गांव के आपदा प्रभावितों को जल्द नए आशियाने मिल जाएंगे। शासन ने पुनर्वास के लिए शीर्ष प्राथमिकता में रखे गणांई और दाड़मी गांवों की आपदा की रिपोर्ट तलब की है। इस पर प्रशासन की ओर से गांवों का सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है।
29 मार्च वर्ष 1999 में चमोली जिले में आए विनाशकारी भूकंप से गणांई गांव के ऊपरी और बांयी ओर के चट्टानों से भूस्खलन हुआ था तब से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के बाद से भूस्खलन का दायरा बढ़ गया, जिससे गणांई और दाणमी गांवों को खतरा हो गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत ने कहा कि विधायक से लेकर सीएम तक गांव के विस्थापन की मांग की गई लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। बारिश होने पर ग्रामीण रतजगा करते हैं लेकिन अब गांवों के पुनर्वास की उम्मीद जगी है। डीएम आशीष जोशी ने बताया कि गणांई गांव में 135 और दाड़मी गांव में 43 परिवार रहते हैं। दोनों गांवों के पुनर्वास की योजना तैयार की जा रही है, जबकि कनोल गांव के साठ परिवारों के पुनर्वास की कार्रवाई शासन स्तर पर चल रही है। जल्द जिले के तीनों गांवों का नई जगहों पर पुनर्वास कर दिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि गणांई व दाणमी गांव का भू-वैज्ञानिकों की टीम की ओर से भूगर्भीय सर्वेक्षण कार्य भी किया गया है। जल्द गांवों का पुनर्वास कर दिया जाएगा।
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