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सात दिन बाद रोडवेज बसों के फिर से पुराने रूट
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांवड़ यात्रा के समय बदले गए रूट शुक्रवार दोपहर से बहाल कर दिए गए हैं। अब बसों के यातायात की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। बसें रोडवेज बस अड्ड़े से ही मिलेंगी और किराया भी पुराना ही होगा। हालांकि यूपी, हरियाणा, राजस्थान की बसें शनिवार से ही संचालित होंगी।
कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार शहर में सभी रूटों की बसों के प्रवेश पर शुक्रवार 14 जुलाई से पूरी तरह से प्रतिबंध लगाते हुए दिल्ली और शिमला रूट की बसों का रास्ता बदल दिया गया था। दिल्ली के लिए बसें बाया बिजनौर से और शिमला रूट की बसें देहरादून से होकर चंडीगढ़ के लिए संचालित की गई। दिल्ली की बसों का रूट बदलने से नारसन, मुजफ्फरनगर, खतौली, सकौती जाना मुश्किल रहा तो शिमला रूट पर रुड़की, भगवानपुर, छुटमलपुर, यमुनानगर, सहारनपुर, सरसावा जाना मुश्किल रहा। बसों के संचालन के लिए हरिद्वार से बाहर मोतीचूर में और चंडीघाट पर गौरीशंकर पार्किंग में अस्थायी बस अड्ड़े बनाए गए थे। रूट बदलने से यात्रियों ने मेरठ के किराए में 15 रुपये, दिल्ली के किराए में 13 रुपये, चंडीगढ़ के किराए में हरिद्वार से 86 रुपये तो शिमला की यात्रा 83 रुपये यात्रा महंगी झेली। अब कांवड़ यात्रा समाप्त होने पर अस्थायी बस अड्डे समाप्त करते हुए सभी व्यवस्था पूर्ववत हो गई है। एआरएम एसएस चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा का प्रवाह शुक्रवार की दोपहर से कम होने पर बसों को पुराने रूट दिल्ली के लिए रुड़की, नारसन, खतौली से मेरठ, चंडीगढ़ की बसों को रुड़की, भगवानपुर, छुटमलपुर, सहारनपुर से होते हुए शिमला के लिए चलाया गया।
गैस और सब्जी का वितरण शुरू
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा समाप्त होने से शहरवासियों के साथ खाद्य पदार्थ, सब्जी, गैस आदि जरूरी वस्तुओं के विक्रेताओं को बड़ी राहत मिली है। गैस सप्लाई करने वालों ने गैस से भरे सिलेंडर मंगाने शुरू कर दिए। दीपिका इंडेन गैस सर्विस के प्रबंधक विपिन शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा कम होते ही शुक्रवार को फिर से वितरण करानी शुरू कर दी गई। वहीं सब्जी विक्रेता धीर सिंह ने बताया कि सब्जी की आवक मंडी में हुई तो सामान्य रेटों पर खरीदकर बेचनी शुरू कर दी गई।
हरिद्वार।
कांवड़ यात्रा के समय बदले गए रूट शुक्रवार दोपहर से बहाल कर दिए गए हैं। अब बसों के यातायात की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। बसें रोडवेज बस अड्ड़े से ही मिलेंगी और किराया भी पुराना ही होगा। हालांकि यूपी, हरियाणा, राजस्थान की बसें शनिवार से ही संचालित होंगी।
कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार शहर में सभी रूटों की बसों के प्रवेश पर शुक्रवार 14 जुलाई से पूरी तरह से प्रतिबंध लगाते हुए दिल्ली और शिमला रूट की बसों का रास्ता बदल दिया गया था। दिल्ली के लिए बसें बाया बिजनौर से और शिमला रूट की बसें देहरादून से होकर चंडीगढ़ के लिए संचालित की गई। दिल्ली की बसों का रूट बदलने से नारसन, मुजफ्फरनगर, खतौली, सकौती जाना मुश्किल रहा तो शिमला रूट पर रुड़की, भगवानपुर, छुटमलपुर, यमुनानगर, सहारनपुर, सरसावा जाना मुश्किल रहा। बसों के संचालन के लिए हरिद्वार से बाहर मोतीचूर में और चंडीघाट पर गौरीशंकर पार्किंग में अस्थायी बस अड्ड़े बनाए गए थे। रूट बदलने से यात्रियों ने मेरठ के किराए में 15 रुपये, दिल्ली के किराए में 13 रुपये, चंडीगढ़ के किराए में हरिद्वार से 86 रुपये तो शिमला की यात्रा 83 रुपये यात्रा महंगी झेली। अब कांवड़ यात्रा समाप्त होने पर अस्थायी बस अड्डे समाप्त करते हुए सभी व्यवस्था पूर्ववत हो गई है। एआरएम एसएस चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा का प्रवाह शुक्रवार की दोपहर से कम होने पर बसों को पुराने रूट दिल्ली के लिए रुड़की, नारसन, खतौली से मेरठ, चंडीगढ़ की बसों को रुड़की, भगवानपुर, छुटमलपुर, सहारनपुर से होते हुए शिमला के लिए चलाया गया।
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गैस और सब्जी का वितरण शुरू
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा समाप्त होने से शहरवासियों के साथ खाद्य पदार्थ, सब्जी, गैस आदि जरूरी वस्तुओं के विक्रेताओं को बड़ी राहत मिली है। गैस सप्लाई करने वालों ने गैस से भरे सिलेंडर मंगाने शुरू कर दिए। दीपिका इंडेन गैस सर्विस के प्रबंधक विपिन शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा कम होते ही शुक्रवार को फिर से वितरण करानी शुरू कर दी गई। वहीं सब्जी विक्रेता धीर सिंह ने बताया कि सब्जी की आवक मंडी में हुई तो सामान्य रेटों पर खरीदकर बेचनी शुरू कर दी गई।
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