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निजी बसें चलाने का प्रस्ताव वापस न लेने पर चार को सचिवालय कूच-कोर्डिनेशन
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हल्द्वानी/देहरादून। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन समेत विभिन्न संगठनों ने कुमाऊं के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसें चलाने के शासनादेश को वापस नहीं लेने पर चार जनवरी को सचिवालय कूच का एलान किया है। 16 जनवरी से अनिश्चिकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
निगम मुख्यालय पर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक की। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसें चलाना गलत है। उन्होंने शासन स्तर पर बकाया करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने पर भी नाराजगी जताई है। बैठक के बाद परिवहन सचिव शैलेश बगौली को ज्ञापन दिया गया। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष कमल पपनै ने कहा कि कर्मचारी यूनियनें एकजुट हैं। निगम प्रबंधन यदि मांगें नहीं मानता है तो प्रदेश व्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
संचालन महाप्रबंधक दीपक जैन के अनुसार कर्मचारियों और यूनियनों को आपसी मतभेद भुलाकर एक होकर निगम के मौजूदा बस संचालन को स्थगित होने से बचाना चाहिए, जिससे रोडवेज को मुनाफा हो और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
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चार जनवरी को सचिवालय कूच का आह्वान
रोडवेज संगठनों ने निजी बसें चलाने को प्रस्ताव वापस न लेने की मांग की
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निगम मुख्यालय पर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक की। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसें चलाना गलत है। उन्होंने शासन स्तर पर बकाया करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने पर भी नाराजगी जताई है। बैठक के बाद परिवहन सचिव शैलेश बगौली को ज्ञापन दिया गया। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष कमल पपनै ने कहा कि कर्मचारी यूनियनें एकजुट हैं। निगम प्रबंधन यदि मांगें नहीं मानता है तो प्रदेश व्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
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संचालन महाप्रबंधक दीपक जैन के अनुसार कर्मचारियों और यूनियनों को आपसी मतभेद भुलाकर एक होकर निगम के मौजूदा बस संचालन को स्थगित होने से बचाना चाहिए, जिससे रोडवेज को मुनाफा हो और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
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चार जनवरी को सचिवालय कूच का आह्वान
रोडवेज संगठनों ने निजी बसें चलाने को प्रस्ताव वापस न लेने की मांग की