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यूपी से मिलने वाले 700 करोड़ से किया जाए सेवा विस्तार
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से मिलने वाले 700 करोड़ रुपये से सेवा विस्तार करने की मांग की है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को यूनियन ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा यूनियन ने पर्वतीय क्षेत्रों में निजी बस ऑपरेटरों की ओर से किए जा रहे संचालन पर चिंता जताई।
यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि धनराशि के अभाव के चलते परिवहन निगम की सेवा का विस्तार नहीं हो पा रहा है। पर्वतीय मार्गों पर निजी ऑपरेटर बसों का संचालन कर रहे हैं। ओवरलोडिंग के कारण हर साल दुर्घटनाओं में एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो रही है। वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2003 में उत्तराखंड परिवहन निगम का गठन हुआ। इसके बाद उत्तर प्रदेश से सूबे को 957 बसें मिली थीं। इसके कारण सात हजार से अधिक कर्मचारियों की ग्रेच्युटी व नकदीकरण की धनराशि का अतिरिक्त भार भी निगम पर पड़ा। यह व्यवस्था तब हुई, जब उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की केंद्रीय परिसंपत्तियों से करीब 14 फीसद हिस्से का भुगतान बाजार मूल्य पर उत्तराखंड परिवहन निगम को दिया जाना था। मौजूदा समय में अभी भी उत्तराखंड परिवहन निगम को यूपी से करीब 700 करोड़ रुपये मिलने हैं। इस धनराशि के मिलने से परिवहन निगम की सेवाओं का विस्तार हो सकेगा। ऐसा होने से यातायात व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी।
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उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से मिलने वाले 700 करोड़ रुपये से सेवा विस्तार करने की मांग की है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को यूनियन ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा यूनियन ने पर्वतीय क्षेत्रों में निजी बस ऑपरेटरों की ओर से किए जा रहे संचालन पर चिंता जताई।
यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि धनराशि के अभाव के चलते परिवहन निगम की सेवा का विस्तार नहीं हो पा रहा है। पर्वतीय मार्गों पर निजी ऑपरेटर बसों का संचालन कर रहे हैं। ओवरलोडिंग के कारण हर साल दुर्घटनाओं में एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो रही है। वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2003 में उत्तराखंड परिवहन निगम का गठन हुआ। इसके बाद उत्तर प्रदेश से सूबे को 957 बसें मिली थीं। इसके कारण सात हजार से अधिक कर्मचारियों की ग्रेच्युटी व नकदीकरण की धनराशि का अतिरिक्त भार भी निगम पर पड़ा। यह व्यवस्था तब हुई, जब उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की केंद्रीय परिसंपत्तियों से करीब 14 फीसद हिस्से का भुगतान बाजार मूल्य पर उत्तराखंड परिवहन निगम को दिया जाना था। मौजूदा समय में अभी भी उत्तराखंड परिवहन निगम को यूपी से करीब 700 करोड़ रुपये मिलने हैं। इस धनराशि के मिलने से परिवहन निगम की सेवाओं का विस्तार हो सकेगा। ऐसा होने से यातायात व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी।
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