{"_id":"5cc6076bbdec2207266859b7","slug":"131556481899-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शबद गायन कर संगतों को किया निहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शबद गायन कर संगतों को किया निहाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब खुड़बुड़ा मोहल्ला की ओर से श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा समिति की ओर से कथा-कीर्तन का आयोजन किया गया। गुरुद्वारे में प्रातरू नितनेम के बाद श्री अखंड साहिब के भोग डाले गए। इसके बाद बेबे नानकी सेवक जत्थे ने हो वार वार जाओ गुर गोपाल... का शबद गायन कर संगतों को निहाल किया।
रविवार को गुरुद्वारे में आयोजित कथा-कीर्तन में काका गगन दीप सिंह ने गुर तेग बहादुर सिमरिए.., सुमित सिंह ने सुखी मिलो रस मंगल गावो हम घर साजन आया... का गायन किया। वहीं इंग्लैंड से आए मदन सिंह ने कहा कि गुरु ने सदैव धार्मिक सहनशीलता, अनेकता में एकता का संदेश दिया। प्रधान गुरु सेवक सिंह लखनपाल, मनजीत सिंह, राजेंद्र सिंह राजा, गुरदीप सिंह, लखपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह छाबड़ा आदि मौजूद थे।
वहीं, गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब गांधी ग्राम में कथा कीर्तन किया गया। कुलदीप सिंह ने हों पापी तूं बख्शन हार.., जसवीर सिंह ने आप लिए लड़ लाये दरवेश से, मन न डिगा... का गायन कर संगत को निहाल किया। हैड ग्रंथी शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग किया था। इसलिए इन्हें हिंद की चादर कहा जाता है। इस अवसर पर राजेंद्र पाल सिंह, परमजीत सिंह, यशपाल सिंह, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, लाल चंद शर्मा, राजेंद्र सिंह राजा, रणजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, हरपाल सिंह सेठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब खुड़बुड़ा मोहल्ला की ओर से श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा समिति की ओर से कथा-कीर्तन का आयोजन किया गया। गुरुद्वारे में प्रातरू नितनेम के बाद श्री अखंड साहिब के भोग डाले गए। इसके बाद बेबे नानकी सेवक जत्थे ने हो वार वार जाओ गुर गोपाल... का शबद गायन कर संगतों को निहाल किया।
रविवार को गुरुद्वारे में आयोजित कथा-कीर्तन में काका गगन दीप सिंह ने गुर तेग बहादुर सिमरिए.., सुमित सिंह ने सुखी मिलो रस मंगल गावो हम घर साजन आया... का गायन किया। वहीं इंग्लैंड से आए मदन सिंह ने कहा कि गुरु ने सदैव धार्मिक सहनशीलता, अनेकता में एकता का संदेश दिया। प्रधान गुरु सेवक सिंह लखनपाल, मनजीत सिंह, राजेंद्र सिंह राजा, गुरदीप सिंह, लखपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह छाबड़ा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
वहीं, गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब गांधी ग्राम में कथा कीर्तन किया गया। कुलदीप सिंह ने हों पापी तूं बख्शन हार.., जसवीर सिंह ने आप लिए लड़ लाये दरवेश से, मन न डिगा... का गायन कर संगत को निहाल किया। हैड ग्रंथी शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग किया था। इसलिए इन्हें हिंद की चादर कहा जाता है। इस अवसर पर राजेंद्र पाल सिंह, परमजीत सिंह, यशपाल सिंह, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, लाल चंद शर्मा, राजेंद्र सिंह राजा, रणजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, हरपाल सिंह सेठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन