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राज्य के 10 फीसदी सरकारी विद्यालयों में ही कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा
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राज्य के 10 फीसदी सरकारी विद्यालयों में ही कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकार की ओर से विधानसभा में पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राज्य में महज 10 फीसदी सरकारी विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों की शिक्षा के लिए कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक पूरे राज्य में 85 फीसदी स्कूल ऐसे हैं, जहां पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 86.3 फीसदी विद्यालयों में बिजली मुहैया करायी जा रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 82 फीसदी स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में मिड-डे मील की उपलब्धियां गिनाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 98 फीसदी स्कूलों के बच्चोें को योजना के तहत दोपहर के भोजन की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 87 फीसदी स्कूल ऐसे हैं। जहां पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राज्य के निजी स्कूलों में 102083 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। राज्य के सभी 95 विकास खंडों के 107 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सौर ऊर्जा संचालित प्रोजेक्ट के माध्यम से ‘स्मार्ट क्लास’ की सुविधा बच्चों को मुहैया करायी जा रही है। राज्य के माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को लेकर 2114 विद्यालयों में बायोमैट्रिक मशीनें लगाई हैं।
राज्य में 1390 राजकीय इंटर कॉलेज, 324 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज, 939 राजकीय हाईस्कूल, 66 सहायता प्राप्त हाईस्कूल, 944 असहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय संचालित है। जहां तक उच्च शिक्षा का सवाल है तो वर्तमान में 102 राजकीय महाविद्यालयों, 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, 12 राजकीय विवि, 70 राजकीय पॉलीटेक्निक व नौ फार्मेसी संस्थानों का संचालन किया जा रहा है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकार की ओर से विधानसभा में पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राज्य में महज 10 फीसदी सरकारी विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों की शिक्षा के लिए कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक पूरे राज्य में 85 फीसदी स्कूल ऐसे हैं, जहां पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 86.3 फीसदी विद्यालयों में बिजली मुहैया करायी जा रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 82 फीसदी स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में मिड-डे मील की उपलब्धियां गिनाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 98 फीसदी स्कूलों के बच्चोें को योजना के तहत दोपहर के भोजन की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 87 फीसदी स्कूल ऐसे हैं। जहां पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राज्य के निजी स्कूलों में 102083 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। राज्य के सभी 95 विकास खंडों के 107 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सौर ऊर्जा संचालित प्रोजेक्ट के माध्यम से ‘स्मार्ट क्लास’ की सुविधा बच्चों को मुहैया करायी जा रही है। राज्य के माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को लेकर 2114 विद्यालयों में बायोमैट्रिक मशीनें लगाई हैं।
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राज्य में 1390 राजकीय इंटर कॉलेज, 324 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज, 939 राजकीय हाईस्कूल, 66 सहायता प्राप्त हाईस्कूल, 944 असहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय संचालित है। जहां तक उच्च शिक्षा का सवाल है तो वर्तमान में 102 राजकीय महाविद्यालयों, 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, 12 राजकीय विवि, 70 राजकीय पॉलीटेक्निक व नौ फार्मेसी संस्थानों का संचालन किया जा रहा है।
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