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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार में उतराखंड के हाथ खाली
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार में इस बार उत्तराखंड के हाथ खाली रहेंगे। पुरस्कार के लिए उत्तराखंड से भेजी गई एकमात्र प्रविष्टि अंतिम सूची में स्थान बनाने में नाकाम रही है। देशभर से कुल छह बालक-बालिकाओं को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
राज्य बाल कल्याण परिषद ने पुरस्कार के लिए पौड़ी निवासी छह वर्षीय रमनदीप सिंह का नाम प्रस्तावित किया था। उन्होंने बताया कि एक अगस्त 2017 को भृगुखाल, मुणगांव निवासी रमनदीप सिंह अपने घर के आंगन में खेल रहा था। अचानक उस पर गुलदार ने हमला कर दिया। रमनदीप पर गुलदार की पकड़ मजबूत होती, इससे पहले ही उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और गुलदार भाग गया। घायल रमनदीप सिंह का कोटद्वार स्थित अस्पताल में उपचार कराया गया। संयुक्त सचिव केपी भट्ट ने बताया कि पिछले चार वर्षों से लगातार राज्य के बालक-बालिकाओं को यह पुरस्कार मिल रहा था।
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गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार में इस बार उत्तराखंड के हाथ खाली रहेंगे। पुरस्कार के लिए उत्तराखंड से भेजी गई एकमात्र प्रविष्टि अंतिम सूची में स्थान बनाने में नाकाम रही है। देशभर से कुल छह बालक-बालिकाओं को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
राज्य बाल कल्याण परिषद ने पुरस्कार के लिए पौड़ी निवासी छह वर्षीय रमनदीप सिंह का नाम प्रस्तावित किया था। उन्होंने बताया कि एक अगस्त 2017 को भृगुखाल, मुणगांव निवासी रमनदीप सिंह अपने घर के आंगन में खेल रहा था। अचानक उस पर गुलदार ने हमला कर दिया। रमनदीप पर गुलदार की पकड़ मजबूत होती, इससे पहले ही उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और गुलदार भाग गया। घायल रमनदीप सिंह का कोटद्वार स्थित अस्पताल में उपचार कराया गया। संयुक्त सचिव केपी भट्ट ने बताया कि पिछले चार वर्षों से लगातार राज्य के बालक-बालिकाओं को यह पुरस्कार मिल रहा था।
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