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12वीं की छात्रा ने पॉकेट मनी से जरूरतमंदों को बांटे लैपटॉप
Updated Sun, 10 Jun 2018 02:11 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
कैलिफोर्निया (अमेरिका) में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपनी पॉकेट मनी से सात लैपटॉप खरीदकर राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच ) के दृष्टिबाधित छात्रों को दिए। लैपटॉप देने के लिए अनन्या खुद भारत पहुंची। दृष्टिबाधित छात्रों की सुविधा के लिहाज से लैपटॉप में उन्होंने अत्याधुनिक साफ्टवेयर इंस्टॉल किए हैं।
अनन्या के पिता अनुराग गुप्ता और मां निधि गुप्ता कैलिफोर्निया में रहते हैं। वह डोर्थी वैली हाईस्कूल में 12वीं की छात्रा हैं। अनन्या के नाना हरीश गोयल का परिवार साकेत कॉलोनी में निवास करता है। इसके चलते उनका दून आना-जाना लगा रहता है। 2015 में दून आई अनन्या ने राष्ट्रीय (एनआईवीएच) में एक इंटर्नशिप प्रोग्राम में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके मन में जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करने की इच्छा जागी। तब कुछ दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं ने उन्हें बताया कि वह नौकरी करना चाहते हैं, लेकिन लैपटॉप न होने के कारण दिक्कत हो रही है।
अनन्या इसके बाद वापस अमेरिका लौट गईं। उन्होंने अपनी पॉकेट मनी बचाई और दोस्तों को भी इस अभियान में जोड़ा। कुछ अन्य लोगों की मदद से उन्होंने जरूरी रकम एकत्रित की। उन्होंने सात लैपटॉप खरीदे और स्क्रीन रीडर समेत अन्य जरूरत के साफ्टवेयर इंस्टॉल किए। एनआईवीएच में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को लैपटॉप दिए।
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स्क्रीनिंग के बाद छांटे जरूरतमंद
अनन्या ने कई दौर की स्क्रीनिंग के बाद जरूरतमंद बच्चों का चयन किया। उनके छोटे नाना कर्नल प्रदीप गोयल ने बताया कि ऐसे बच्चों को चुना गया, जिन्हें लैपटॉप की जरूरत हो और वह अपवंचित वर्ग के हों। इसके लिए बच्चों से कई बार बातचीत की गई।
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फर्राटेदार हिंदी बोलती है अनन्या
अमेरिका में जन्मी अनन्या भारत से विशेष लगाव रखती हैं। अमेरिकन इंग्लिश के साथ ही वह फर्राटेदार हिंदी भी बोलती हैं। उनके पिता अनुराग गुप्ता ने बताया कि वह घर पर दोनों बेटियों के साथ हिंदी ही बोलते हैं। यही कारण है कि उनकी दोनों बेटियों को अमेरिका में रहने के बावजूद बहुत अच्छी हिंदी बोलनी आती है।
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कैलिफोर्निया (अमेरिका) में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपनी पॉकेट मनी से सात लैपटॉप खरीदकर राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच ) के दृष्टिबाधित छात्रों को दिए। लैपटॉप देने के लिए अनन्या खुद भारत पहुंची। दृष्टिबाधित छात्रों की सुविधा के लिहाज से लैपटॉप में उन्होंने अत्याधुनिक साफ्टवेयर इंस्टॉल किए हैं।
अनन्या के पिता अनुराग गुप्ता और मां निधि गुप्ता कैलिफोर्निया में रहते हैं। वह डोर्थी वैली हाईस्कूल में 12वीं की छात्रा हैं। अनन्या के नाना हरीश गोयल का परिवार साकेत कॉलोनी में निवास करता है। इसके चलते उनका दून आना-जाना लगा रहता है। 2015 में दून आई अनन्या ने राष्ट्रीय (एनआईवीएच) में एक इंटर्नशिप प्रोग्राम में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके मन में जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करने की इच्छा जागी। तब कुछ दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं ने उन्हें बताया कि वह नौकरी करना चाहते हैं, लेकिन लैपटॉप न होने के कारण दिक्कत हो रही है।
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अनन्या इसके बाद वापस अमेरिका लौट गईं। उन्होंने अपनी पॉकेट मनी बचाई और दोस्तों को भी इस अभियान में जोड़ा। कुछ अन्य लोगों की मदद से उन्होंने जरूरी रकम एकत्रित की। उन्होंने सात लैपटॉप खरीदे और स्क्रीन रीडर समेत अन्य जरूरत के साफ्टवेयर इंस्टॉल किए। एनआईवीएच में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को लैपटॉप दिए।
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स्क्रीनिंग के बाद छांटे जरूरतमंद
अनन्या ने कई दौर की स्क्रीनिंग के बाद जरूरतमंद बच्चों का चयन किया। उनके छोटे नाना कर्नल प्रदीप गोयल ने बताया कि ऐसे बच्चों को चुना गया, जिन्हें लैपटॉप की जरूरत हो और वह अपवंचित वर्ग के हों। इसके लिए बच्चों से कई बार बातचीत की गई।
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फर्राटेदार हिंदी बोलती है अनन्या
अमेरिका में जन्मी अनन्या भारत से विशेष लगाव रखती हैं। अमेरिकन इंग्लिश के साथ ही वह फर्राटेदार हिंदी भी बोलती हैं। उनके पिता अनुराग गुप्ता ने बताया कि वह घर पर दोनों बेटियों के साथ हिंदी ही बोलते हैं। यही कारण है कि उनकी दोनों बेटियों को अमेरिका में रहने के बावजूद बहुत अच्छी हिंदी बोलनी आती है।