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उत्तराखंडः फर्जीवाड़े में 12 शिक्षक बर्खास्त, आठ सस्पेंड

Mon, 17 Oct 2016 12:40 PM IST
मेहताब आलम/ अमर उजाला, हरिद्वार
मेहताब आलम/ अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 17 Oct 2016 12:40 PM IST
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12 teachers dismissed in fraud, eight suspended

जनपद हरिद्वार में प्राथमिक शिक्षकों का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। बीटीसी की मार्कशीट और मूल निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर 12 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है।

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बार-बार मांगने पर भी अपने सर्टिफिकेट न देने वाले आठ शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि पोल खुलने के डर से साल भर पहले लिया गया एक शिक्षक का वीआरएस भी निरस्त किया गया है। कार्रवाई की जद में आए सभी शिक्षक वर्ष 1992 से 2002 के बीच भर्ती हुए थे। इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड़ में आने से विभाग और शिक्षकों में हड़कंप मचा है। फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने पर शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
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हरिद्वार मेें अलग-अलग ब्लॉक के स्कूलों में तैनात 35 प्राइमरी शिक्षकों के संबंध में कई साल से सूचना के अधिकार के तहत विभाग से जानकारियां मांगी जा रही थी। शासन स्तर पर भी इनकी शिकायतें की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक रामेंद्र कुशवाहा ने पिछले साल चार्ज संभालने के बाद आला अधिकारियों के निर्देश पर शिक्षकों की जांच शुरू की।
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संदेह के दायरे में आए सभी शिक्षकों से उनके सर्टिफिकेट मांगे गए। बार-बार नोटिस के बाद कुछ शिक्षकों ने अपने दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराए। जांच में 11 शिक्षक शिक्षिकाओं की बीटीसी की मार्कशीट और एक शिक्षिका का मूल निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। बार बार नोटिस देने के बावजूद सर्टिफिकेट जांच के लिए उपलब्ध न कराने वाले आठ शिक्षकों को सस्पेंड भी किया गया है।

जांच शुरू होते ही पिछले साल ले लिया वीआरएस

12 teachers dismissed in fraud, eight suspended
टीचर - फोटो : Amar Ujala

कार्रवाई के डर से एक शिक्षक ने जांच शुरू होते ही पिछले साल वीआरएस ले लिया था। उनका वीआरएस भी निरस्त कर दिया गया। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। जिससे शिक्षकों में जबरदस्त हड़कंप है।

इलाहाबाद भेजे 11 और शिक्षकों के दस्तावेज
जांच पड़ताल में 12 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद अब 11 अन्य शिक्षकों की बीटीसी मार्कशीट भी जांच के लिए इलाहाबाद भेजी गई हैं।

नौकरी लगने के समय विभाग को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का इलाहाबाद की एक शिक्षण संस्था में मूल दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा। डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा का कहना है कि इलाहाबाद से रिपोर्ट मिलने के बाद इन शिक्षकों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिले के 35 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी होने की जानकारी संज्ञान में आ रही थी। हमने पिछले साल चार्ज संभालने के बाद इनकी जांच शुरू कर दी थी। बीटीसी की मार्कशीट और मूल निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर 12 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है और सर्टिफिकेट उपलब्ध न कराने वाले आठ शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक शिक्षक का वीआरएस भी समाप्त किया गया है। 11 फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
- रामेंद्र कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) हरिद्वार

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