{"_id":"5c1bfeeebdec22569a51b012","slug":"11545338606-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएचएम कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल 24 से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएचएम कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल 24 से
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नियमितीकरण, मानव संसाधन नीति तत्काल लागू करने, ठेकेदारी प्रथा पर नियुक्ति बंद करने समेत छह सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएचएम) से जुड़े कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने मांगों के बाबत जल्द वार्ता नहीं होने पर 24 से दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं कार्य बहिष्कार से आयुष्मान भारत, टीकाकरण, मातृत्व स्वास्थ्य, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, आशा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम समेत दो दर्जन से अधिक स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावित हैं। हालांकि कर्मचारी आवश्यक सेवाओं में सहयोग कर रहे हैं।
बता दें, केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े 4000 कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, मानव संसाधन नीति तत्काल लागू करने और एनएचएम के तहत ठेकेदारी प्रथा पर नियुक्ति करने संबंधी फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा पीपीपी मोड में संचालित अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों के समायोजन को लेकर नीति बनाए जाने, अन्य राज्यों की भांति लॉयल्टी बोनस देने, मानदेय निर्धारण में राज्य, जिला व ब्लॉक स्तर समानता लाने व आशा कार्यक्रम में तैनात आशा कार्यकर्ताओं को नियत मासिक मानदेय की मांग कर रहे हैं। इस मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने पहले दो दिन का कार्य बहिष्कार कर दिया था, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनने पर कार्य बहिष्कार तीन दिन बढ़ा दिया गया है। एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी का कहना है कि यदि अगले तीन दिन में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 24 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन
नियमितीकरण, मानव संसाधन नीति तत्काल लागू करने, ठेकेदारी प्रथा पर नियुक्ति बंद करने समेत छह सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएचएम) से जुड़े कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने मांगों के बाबत जल्द वार्ता नहीं होने पर 24 से दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं कार्य बहिष्कार से आयुष्मान भारत, टीकाकरण, मातृत्व स्वास्थ्य, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, आशा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम समेत दो दर्जन से अधिक स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावित हैं। हालांकि कर्मचारी आवश्यक सेवाओं में सहयोग कर रहे हैं।
बता दें, केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े 4000 कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, मानव संसाधन नीति तत्काल लागू करने और एनएचएम के तहत ठेकेदारी प्रथा पर नियुक्ति करने संबंधी फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा पीपीपी मोड में संचालित अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों के समायोजन को लेकर नीति बनाए जाने, अन्य राज्यों की भांति लॉयल्टी बोनस देने, मानदेय निर्धारण में राज्य, जिला व ब्लॉक स्तर समानता लाने व आशा कार्यक्रम में तैनात आशा कार्यकर्ताओं को नियत मासिक मानदेय की मांग कर रहे हैं। इस मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने पहले दो दिन का कार्य बहिष्कार कर दिया था, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनने पर कार्य बहिष्कार तीन दिन बढ़ा दिया गया है। एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी का कहना है कि यदि अगले तीन दिन में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 24 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन