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स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध जरूरी
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:36 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
जिलाधिकारी ने शनिवार को नगर निगम के टाउन हॉल में डिस्पोजेबल प्लास्टिक पर प्रतिबंध के समर्थन में सार्वजनिक बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध जरूरी है। अगर प्लास्टिक पर जल्द प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो भविष्य इसके दुष्परिणाम हमें उठाने पड़ेंगे। इस दौरान प्लास्टिक और प्लास्टिक डिस्पोजेबल के बीच अंतर को लेकर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि प्लास्टिक और प्लास्टिक डिस्पोजेबल अलग हैं। यह डिस्पोजेबल हमारे शहर के कचड़े का एक बड़ा भाग है। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि प्लास्टिक डिस्पोजल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। वेस्ट वॉरियर नेचर साइंस इनिशिएटिव, इनटैक, गती फाउंडेशन समेत कई संस्थाओं के सदस्यों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि जिस तरह से प्लास्टिक डिस्पोजल का प्रयोग हो रहा है, उसे आने वाले कुछ वर्षों में मिट्टी, वायु और पानी प्रदूषित हो जाएगा। देहरादून शहर में एक टन प्लास्टिक बैग रोजाना बेचे जाते हैं। बैठक में नगर निगम के साथ ही उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने शनिवार को नगर निगम के टाउन हॉल में डिस्पोजेबल प्लास्टिक पर प्रतिबंध के समर्थन में सार्वजनिक बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध जरूरी है। अगर प्लास्टिक पर जल्द प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो भविष्य इसके दुष्परिणाम हमें उठाने पड़ेंगे। इस दौरान प्लास्टिक और प्लास्टिक डिस्पोजेबल के बीच अंतर को लेकर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि प्लास्टिक और प्लास्टिक डिस्पोजेबल अलग हैं। यह डिस्पोजेबल हमारे शहर के कचड़े का एक बड़ा भाग है। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि प्लास्टिक डिस्पोजल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। वेस्ट वॉरियर नेचर साइंस इनिशिएटिव, इनटैक, गती फाउंडेशन समेत कई संस्थाओं के सदस्यों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि जिस तरह से प्लास्टिक डिस्पोजल का प्रयोग हो रहा है, उसे आने वाले कुछ वर्षों में मिट्टी, वायु और पानी प्रदूषित हो जाएगा। देहरादून शहर में एक टन प्लास्टिक बैग रोजाना बेचे जाते हैं। बैठक में नगर निगम के साथ ही उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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