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ठेके के बदले गोतीर्थाश्रम हटाने के निर्देश
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:27 PM IST
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श्रीनगर। महिलाएं गोतीर्थाश्रम के समीप खुले ठेके को हटाने की मांग के लिए आंदोलनरत है, लेकिन प्रशासन ने शराब का ठेके के बजाय गोतीर्थाश्रम हटाने के निर्देश दे दिए। महिलाओं के विरोध के चलते ठेके का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में तहसील प्रशासन ने गोतीर्थाश्रम को नियम विरुद्ध संचालित बताकर हटाने के निर्देश दे दिए। वहीं इस निर्देश के बाद महिलाओं में आक्रोश है।
तहसील प्रशासन ने अलकनंदा किनारे नए बस अड्डे पर संचालित हो रही गौशाला को स्थानांतरित करने के निर्देश जारी कर दिए। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय से जारी एक पत्र पालिका प्रशासन को प्राप्त होता है। पत्र में अलकनंदा किनारे बस अड्डे पर संचालित हो रहे गोतीर्थाश्रम को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने के निर्देश जारी किए गए है। पत्र में कहा गया है कि आरटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने इस स्थान पर नियम विरुद्ध गोशाला संचालन की शिकायत की थी, जिस पर डीएम के आदेश के तहत तहसीलदार ने मामले की जांच की और तहसीलदार की जांच में गोशाला का संचालन नियम विरुद्ध पाया गया है।
..................
-- आरटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने डीएम को पांच सूत्री शिकायती पत्र सौंपा था। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने मामले की जांच की है। जांच में पाया गया कि बस अड्डे पर गोशाला संचालन से शहर में वाहनों का दबाव बढ़ गया है। गौशाला में कोई चारागाह मौजूद नहीं है। साथ ही यहां गाय के अलावा अन्य पशुओं जैसे सांड, बैल को नहीं रखा जा रहा है। गौशाला के लिए उफल्डा में भूमि चयनित है। पालिका को निर्देशित किया गया है कि उक्त स्थान पर 15 दिनों के भीतर निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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मायादत्त जोशी, एसडीएम
>> बस अड्डे पर गोशाला के संचालन के लिए पालिका बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। पालिका समय समय पर गोशाला के लिए चारा भी उपलब्ध करा रही है।
पीके बंसल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
>> प्रशासन शराब कारोबारियों के दबाव में काम कर रहा है। हम लोग वहां पर गो सेवा कर रहे हैं। हालांकि पालिका की ओर से हमें उक्त भूमि गोशाला के लिए आवंटित नहीं हुई है। हमारा मकसद केवल गोसेवा करना है। प्रशासन के इस कृत्य से उनका चरित्र उजागर होता है।
विशुद्धानंद महाराज, गोशाला संचालक
>> प्रशासन हमारा शराब विरोधी आंदोलन तोड़ने का प्रयास कर रहा है। हम गो सेवक हैं। मिट जाएंगे पर झुकेंगे नहीं। प्रशासन शराब कारोबारियों के पक्ष में खुल कर खड़ा हो गया है।
प्रेमबल्लभ नैथानी, अध्यक्ष गोतीर्थाश्रम समिति।
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26 महिलाओं के खिलाफ नोटिस जारी
श्रीनगर (ब्यूरो)। शराब की दुकान के विरोध में नए बस अड्डे पर महिलाओं का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने शराब की दुकान के बाहर कतार बनाकर शराब खरीदने वालों को रोकने का भी प्रयास किया। इस पर स्थानीय प्रशासन की ओर से शराब की दुकान के आगे धरना दे रहीं महिलाओं व शराब की बिक्री रोकने वाले 26 लोगों को नोटिस जारी किए गए। पुलिस के सिपाही ढूंढ-ढूंढ कर नोटिस थमा रहे हैं। आंदोलन पर डटी महिलाओं ने कहा कि एसडीएम और पुलिस प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे और फर्जी नोटिस देकर डराया धमकाया जा रहा है। कहा कि महिलाएं किसी भी हाल में अब पीछे हटने वाली नहीं हैं। क्रमिक अनशन के सातवें दिन सुलोचना भट्ट व मीरा गैरोला अनशन पर बैठी रही । जबकि इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी, मुकेश सेमवाल, रेशमा, प्रवीण भंडारी, पीवी डोभाल, विभोर बहुगुणा, यशोदा खंडूड़ी, सुरजी उनियाल आदि मौजूद रहे।
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तहसील प्रशासन ने अलकनंदा किनारे नए बस अड्डे पर संचालित हो रही गौशाला को स्थानांतरित करने के निर्देश जारी कर दिए। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय से जारी एक पत्र पालिका प्रशासन को प्राप्त होता है। पत्र में अलकनंदा किनारे बस अड्डे पर संचालित हो रहे गोतीर्थाश्रम को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने के निर्देश जारी किए गए है। पत्र में कहा गया है कि आरटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने इस स्थान पर नियम विरुद्ध गोशाला संचालन की शिकायत की थी, जिस पर डीएम के आदेश के तहत तहसीलदार ने मामले की जांच की और तहसीलदार की जांच में गोशाला का संचालन नियम विरुद्ध पाया गया है।
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-- आरटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने डीएम को पांच सूत्री शिकायती पत्र सौंपा था। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने मामले की जांच की है। जांच में पाया गया कि बस अड्डे पर गोशाला संचालन से शहर में वाहनों का दबाव बढ़ गया है। गौशाला में कोई चारागाह मौजूद नहीं है। साथ ही यहां गाय के अलावा अन्य पशुओं जैसे सांड, बैल को नहीं रखा जा रहा है। गौशाला के लिए उफल्डा में भूमि चयनित है। पालिका को निर्देशित किया गया है कि उक्त स्थान पर 15 दिनों के भीतर निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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मायादत्त जोशी, एसडीएम
>> बस अड्डे पर गोशाला के संचालन के लिए पालिका बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। पालिका समय समय पर गोशाला के लिए चारा भी उपलब्ध करा रही है।
पीके बंसल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
>> प्रशासन शराब कारोबारियों के दबाव में काम कर रहा है। हम लोग वहां पर गो सेवा कर रहे हैं। हालांकि पालिका की ओर से हमें उक्त भूमि गोशाला के लिए आवंटित नहीं हुई है। हमारा मकसद केवल गोसेवा करना है। प्रशासन के इस कृत्य से उनका चरित्र उजागर होता है।
विशुद्धानंद महाराज, गोशाला संचालक
>> प्रशासन हमारा शराब विरोधी आंदोलन तोड़ने का प्रयास कर रहा है। हम गो सेवक हैं। मिट जाएंगे पर झुकेंगे नहीं। प्रशासन शराब कारोबारियों के पक्ष में खुल कर खड़ा हो गया है।
प्रेमबल्लभ नैथानी, अध्यक्ष गोतीर्थाश्रम समिति।
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26 महिलाओं के खिलाफ नोटिस जारी
श्रीनगर (ब्यूरो)। शराब की दुकान के विरोध में नए बस अड्डे पर महिलाओं का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने शराब की दुकान के बाहर कतार बनाकर शराब खरीदने वालों को रोकने का भी प्रयास किया। इस पर स्थानीय प्रशासन की ओर से शराब की दुकान के आगे धरना दे रहीं महिलाओं व शराब की बिक्री रोकने वाले 26 लोगों को नोटिस जारी किए गए। पुलिस के सिपाही ढूंढ-ढूंढ कर नोटिस थमा रहे हैं। आंदोलन पर डटी महिलाओं ने कहा कि एसडीएम और पुलिस प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे और फर्जी नोटिस देकर डराया धमकाया जा रहा है। कहा कि महिलाएं किसी भी हाल में अब पीछे हटने वाली नहीं हैं। क्रमिक अनशन के सातवें दिन सुलोचना भट्ट व मीरा गैरोला अनशन पर बैठी रही । जबकि इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी, मुकेश सेमवाल, रेशमा, प्रवीण भंडारी, पीवी डोभाल, विभोर बहुगुणा, यशोदा खंडूड़ी, सुरजी उनियाल आदि मौजूद रहे।