नौकरी से निकाला तो कर्मचारियों ने भीख मांगकर किया प्रदर्शन, मिले 1108 रुपये, देखें वीडियो...
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आपातकालीन सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों ने गुरुवार को भीख मांगकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक भीख मांगी। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। इसके बाद उन्होंने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
108 सेवा का संचालन कैंप कंपनी को दिए जाने के बाद से पूर्व कर्मचारी 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड में धरना दे रहे हैं। प्रदेशभर के ये करीब 717 कर्मचारी हैं, जो नई कंपनी में वेतन समेत समायोजित किए जाने की मांग पर अड़े हैं। कई स्तरों पर बातचीत के बाद भी सरकार ने अब तक कोई निर्णय इनके संबंध में नहीं लिया है। इसी बात से नाराज कर्मचारी अब तरह तरह से आंदोलन कर रहे हैं।
जुलूस की शक्ल में रैली निकालते हुए भीख मांगी
बुधवार को कर्मचारियों को भीख मांगने की अनुमति नहीं मिली थी, मगर गुरुवार को अनुमति मिलने के बाद उन्होंने जुलूस की शक्ल में रैली निकालते हुए भीख मांगी। उन्होंने हर आने जाने वाले को रोककर कुछ न कुछ मांगा। इसके बाद कर्मचारी जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे, लेकिन उनके अनुपस्थित होने के चलते उपजिलाधिकारी सदर कमलेश मेहता ने उनकी बातें सुनी।
कर्मचारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगे नई कंपनी में समायोजित करने, कर्मचारियों को पूर्व की भांति लोकेशन के आधार पर नियुक्ति देने और पूर्व की तरह ही वेतन व भत्ता दिए जाने की मांग शामिल है। कर्मचारियों का यह आंदोलन 108 व खुशियों की सवारी कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन जमलोकी के नेतृत्व में हुआ।
कर्मचारियों ने गुरुवार को जो भीख मांगकर आंदोलन चलाया उसमें कुल 1,108 रुपये इकट्ठा हुए। 108 की संख्या आने के बाद कर्मचारियों ने इसे संयोग बताया और कहा कि यह संयोग दर्शाता है कि हम किस तरह से इस सेवा के प्रति समर्पित हैं।