{"_id":"5c6f0f8cbdec2211a00c8880","slug":"101550782348-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आ र्बटेशन के खलाफ हाईकोर्ट जोन की तैयारी में यूपीसीएल प्रबंधन, लापरवाह अफसरों के खप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आ र्बटेशन के खलाफ हाईकोर्ट जोन की तैयारी में यूपीसीएल प्रबंधन, लापरवाह अफसरों के खप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। पांच पावर सब स्टेशन बनाने वाली जिटको कंपनी को 32 करोड़ रुपये भुगतान करने के आर्बिट्रेशन के आदेश के खिलाफ यूपीसीएल प्रबंधन हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। यूपीसीएल प्रबंधन इस संबंध में अब उन विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की योजना बना रही है जिनकी लापरवाही से जुर्माना लगा है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है।
यूपीसीएल प्रबंधन ने वर्ष-2004 में जिटको नामक कंपनी को राज्य में पांच स्थानों पर पावर सब स्टेशन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कंपनी ने निर्माण कार्य भी पूरा कर दिया था। यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक कंपनी ने काम में लेटलतीफी की है। जबकि कुछ अधिकारियों ने समझौतोें के विपरीत कंपनी से अतिरिक्त निर्माण कार्य कराए। बावजूद, उसका भुगतान नहीं किया। इसी को लेकर कंपनी ने आर्बिट्रेशन दाखिल किया। आर्बिट्रेशन ने यूपीसीएल प्रबंधन के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कंपनी को 32 करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद से यूपीसीएल में अफरातफरी की स्थिति है। इस संबंध में यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उनका कहना है आर्बिट्रेशन के फैसले के खिलाफ यूपीसीएल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगी। इसके लिए विधि सलाहकार से विचार विमर्श किया जा रहा है। साथ ही उन लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिनकी वजह से जुर्माना लगाया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट गए तो जमा करनी होगी आधी धनराशि
यूपीसीएल अधिकारियों को अब इस बात का भी डर सता रहा है कि यदि वह हाईकोर्ट गए तो अदालत उनसे आधी धनराशि (15 करोड़) जमा कराने का आदेश जारी कर सकती है। ऐसे में यूपीसीएल के सामने इस राशि को जमा कराना किसी मुसीबत से कम नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून। पांच पावर सब स्टेशन बनाने वाली जिटको कंपनी को 32 करोड़ रुपये भुगतान करने के आर्बिट्रेशन के आदेश के खिलाफ यूपीसीएल प्रबंधन हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। यूपीसीएल प्रबंधन इस संबंध में अब उन विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की योजना बना रही है जिनकी लापरवाही से जुर्माना लगा है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है।
यूपीसीएल प्रबंधन ने वर्ष-2004 में जिटको नामक कंपनी को राज्य में पांच स्थानों पर पावर सब स्टेशन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कंपनी ने निर्माण कार्य भी पूरा कर दिया था। यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक कंपनी ने काम में लेटलतीफी की है। जबकि कुछ अधिकारियों ने समझौतोें के विपरीत कंपनी से अतिरिक्त निर्माण कार्य कराए। बावजूद, उसका भुगतान नहीं किया। इसी को लेकर कंपनी ने आर्बिट्रेशन दाखिल किया। आर्बिट्रेशन ने यूपीसीएल प्रबंधन के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कंपनी को 32 करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद से यूपीसीएल में अफरातफरी की स्थिति है। इस संबंध में यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उनका कहना है आर्बिट्रेशन के फैसले के खिलाफ यूपीसीएल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगी। इसके लिए विधि सलाहकार से विचार विमर्श किया जा रहा है। साथ ही उन लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिनकी वजह से जुर्माना लगाया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट गए तो जमा करनी होगी आधी धनराशि
यूपीसीएल अधिकारियों को अब इस बात का भी डर सता रहा है कि यदि वह हाईकोर्ट गए तो अदालत उनसे आधी धनराशि (15 करोड़) जमा कराने का आदेश जारी कर सकती है। ऐसे में यूपीसीएल के सामने इस राशि को जमा कराना किसी मुसीबत से कम नहीं होगा।
विज्ञापन