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मीट की दुकानों के लाइसेंस जारी करने में फर्जीवाड़ा
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मीट कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। यह फर्जीवाड़ा राजधानी में संचालित कई कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यस से हो रहा है। सीएससी दस्तावेजों की जांच किए बगैर पंजीकरण कर रहे हैं। इस मामले में कई मीट दुकानों संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।
बता दें, राजधानी में करीब 300 छोटी-बड़ी मीट की दुकानें हैं। इनमें अधिकतर दुकानों का पंजीकरण नहीं है। इसके अलावा जिन दुकानों का पंजीकरण कामन सर्विस सेंटर के जरिए है, उसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला है। मीट कारोबारियों ने कामन सर्विस सेंटर दस्तावेजों की जांच पूरी किए बिना ही ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करा ली है। ऐसे में अब खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे दुकानों का भौतिक सत्यापन में खामियां उजागर हो रही हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह का कहना है कि जांच में कई मीट कारोबारियों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने मामला प्रकाश में आया है। इन कारोबारियों ने कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए पंजीकरण कराया है, लेकिन प्रक्रिया में तमाम पहलुओं की अनदेखी की गई है। प्रकरण की जांच करायी जा रही है और यह किसी स्तर पर गड़बड़ियां मिलीं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कारोबारियों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मीट कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। यह फर्जीवाड़ा राजधानी में संचालित कई कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यस से हो रहा है। सीएससी दस्तावेजों की जांच किए बगैर पंजीकरण कर रहे हैं। इस मामले में कई मीट दुकानों संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।
बता दें, राजधानी में करीब 300 छोटी-बड़ी मीट की दुकानें हैं। इनमें अधिकतर दुकानों का पंजीकरण नहीं है। इसके अलावा जिन दुकानों का पंजीकरण कामन सर्विस सेंटर के जरिए है, उसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला है। मीट कारोबारियों ने कामन सर्विस सेंटर दस्तावेजों की जांच पूरी किए बिना ही ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करा ली है। ऐसे में अब खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे दुकानों का भौतिक सत्यापन में खामियां उजागर हो रही हैं।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह का कहना है कि जांच में कई मीट कारोबारियों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने मामला प्रकाश में आया है। इन कारोबारियों ने कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए पंजीकरण कराया है, लेकिन प्रक्रिया में तमाम पहलुओं की अनदेखी की गई है। प्रकरण की जांच करायी जा रही है और यह किसी स्तर पर गड़बड़ियां मिलीं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कारोबारियों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
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