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फोटो:::: बालिका दिवस पर महिलाओं को पैनिक बटन की सौगात
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राज्य की महिलाओं को प्रदेश सरकार ने सुरक्षा की सौगात भेंट की है। राज्यमंत्री रेखा आर्य ने 200 महिलाओं को मुफ्त पैनिक बटन वितरित किए। आपात स्थिति में महिला को इस डिवाइस का पैनिक बटन दबाना होगा। उसके बाद तुरंत मैसेज पुलिस और डिवाइस में फीड परिचितों के मोबाइल नंबरों में पहुंच जाएगा। इस डिवाइस में पुलिस कंट्रोल रूम और महिला हेल्पलाइन के नंबर भी दर्ज होंगे। इस दौरान रेखा आर्य ने केंद्र सरकार की ‘शी-बॉक्स योजना’ का भी शुभारंभ किया। इसके तहत महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं। जिनका निस्तारण 90 दिन के भीतर करना ही होगा।
बृहस्पतिवार को किसान भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने दीप जलाकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं से ही समाज है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि भाजपा के कार्यकाल में प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं में इजाफा हुआ है। लेकिन, हकीकत यह है कि घटनाएं पहले भी होती थी। लेकिन, प्रकाश में नहीं आती थी। अब महिलाएं मुखर हो रही हैं। इसलिए घटनाएं प्रकाश में आ रही हैं। यह निर्भीक महिलाओं की ही निशानी है कि मीटू अभियान के रूप में उभरा है। 10-20 साल पुराने उत्पीड़न के मामलों के खिलाफ भी महिलाएं अब आवाज उठा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के चार जिलों (देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी एवं टिहरी) से आई 200 महिलाओं को मुफ्त पैनिक बटन वितरित किए। साथ ही उन्होंने इस दौरान केंद्र सरकार की ‘शी-बॉक्स योजना’ का भी शुभारंभ किया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह बेहद अहम योजना है। पैनिक बटन में पुलिस कंट्रोल रूम और महिला हेल्पलाइन के नंबर रहेंगे। शी बॉक्स में महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्यमंत्री रेखा आर्य को एक ज्ञापन भी सौंपा। उनकी चार सूत्री मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए रेखा आर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन-प्रशासन की रीढ़ की तरह हैं। उनकी मांगों को प्राथमिकता से सुना जाएगा। इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, निदेशक झरना कमरान, उपनिदेशक सतीश सिंह, आरती बलोदी, अंजू बडोला आदि मौजूद रहे।
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ऐसे काम करेगा ‘पैनिक बटन’
डिवाइस में किसी भी 10 परिचित लोगों के मोबाइल नंबर फीड करने होंगे। किसी भी आपातकाल स्थिति में महिला को डिवाइस का पैनिक बटन दबाना होगा। उसके बाद महज पांच सेकेंड में डिवाइस में फ ीड दस लोगों के मोबाइल पर मैसेज चल जाएगा ‘प्लीज हेल्प मी’ ‘आई एम इन डेंजर’। साथ ही लोकेशन भी साथ-साथ मिल जाएगी। इसके साथ ही मैसेज महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस को भी खुद पहुंच जाएगा। उसके बाद विभाग और पुलिस समन्वय बिठाकर पीड़ित महिला को तत्काल मदद मुहैया कराएंगे।
साड़ी घोटाले की होगी जांच
वर्ष 2017-18 में सरकार ने करीब 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ियां वितरित की थी। उसके बाद कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि साड़ियों की लंबाई बेहद कम है। साड़ियों की हालत यह थी उनके सूट भी नहीं बन पा रहे थे। मामले में मंत्री रेखा आर्य ने जांच बैठाने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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देहरादून। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राज्य की महिलाओं को प्रदेश सरकार ने सुरक्षा की सौगात भेंट की है। राज्यमंत्री रेखा आर्य ने 200 महिलाओं को मुफ्त पैनिक बटन वितरित किए। आपात स्थिति में महिला को इस डिवाइस का पैनिक बटन दबाना होगा। उसके बाद तुरंत मैसेज पुलिस और डिवाइस में फीड परिचितों के मोबाइल नंबरों में पहुंच जाएगा। इस डिवाइस में पुलिस कंट्रोल रूम और महिला हेल्पलाइन के नंबर भी दर्ज होंगे। इस दौरान रेखा आर्य ने केंद्र सरकार की ‘शी-बॉक्स योजना’ का भी शुभारंभ किया। इसके तहत महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं। जिनका निस्तारण 90 दिन के भीतर करना ही होगा।
बृहस्पतिवार को किसान भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने दीप जलाकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं से ही समाज है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि भाजपा के कार्यकाल में प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं में इजाफा हुआ है। लेकिन, हकीकत यह है कि घटनाएं पहले भी होती थी। लेकिन, प्रकाश में नहीं आती थी। अब महिलाएं मुखर हो रही हैं। इसलिए घटनाएं प्रकाश में आ रही हैं। यह निर्भीक महिलाओं की ही निशानी है कि मीटू अभियान के रूप में उभरा है। 10-20 साल पुराने उत्पीड़न के मामलों के खिलाफ भी महिलाएं अब आवाज उठा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के चार जिलों (देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी एवं टिहरी) से आई 200 महिलाओं को मुफ्त पैनिक बटन वितरित किए। साथ ही उन्होंने इस दौरान केंद्र सरकार की ‘शी-बॉक्स योजना’ का भी शुभारंभ किया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह बेहद अहम योजना है। पैनिक बटन में पुलिस कंट्रोल रूम और महिला हेल्पलाइन के नंबर रहेंगे। शी बॉक्स में महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
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कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्यमंत्री रेखा आर्य को एक ज्ञापन भी सौंपा। उनकी चार सूत्री मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए रेखा आर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन-प्रशासन की रीढ़ की तरह हैं। उनकी मांगों को प्राथमिकता से सुना जाएगा। इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, निदेशक झरना कमरान, उपनिदेशक सतीश सिंह, आरती बलोदी, अंजू बडोला आदि मौजूद रहे।
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ऐसे काम करेगा ‘पैनिक बटन’
डिवाइस में किसी भी 10 परिचित लोगों के मोबाइल नंबर फीड करने होंगे। किसी भी आपातकाल स्थिति में महिला को डिवाइस का पैनिक बटन दबाना होगा। उसके बाद महज पांच सेकेंड में डिवाइस में फ ीड दस लोगों के मोबाइल पर मैसेज चल जाएगा ‘प्लीज हेल्प मी’ ‘आई एम इन डेंजर’। साथ ही लोकेशन भी साथ-साथ मिल जाएगी। इसके साथ ही मैसेज महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस को भी खुद पहुंच जाएगा। उसके बाद विभाग और पुलिस समन्वय बिठाकर पीड़ित महिला को तत्काल मदद मुहैया कराएंगे।
साड़ी घोटाले की होगी जांच
वर्ष 2017-18 में सरकार ने करीब 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ियां वितरित की थी। उसके बाद कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि साड़ियों की लंबाई बेहद कम है। साड़ियों की हालत यह थी उनके सूट भी नहीं बन पा रहे थे। मामले में मंत्री रेखा आर्य ने जांच बैठाने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।