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साहित्या में काव्यां जलि को सराहा
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:09 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
क्वांटम विश्वविद्यालय में साहित्या समारोह अभिव्यक्ति-2018 के आयोजन के मौके पर पश्चिम बंगाल के गर्वनर केसरी नाथ त्रिपाठी ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों के हौंसलों की तारीफ भी की।
मुख्य अतिथि और पश्चिम बंगाल के गवर्नर केसरी नाथ त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि अशोक च्रकधर ने मां शारदा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पहले विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य श्याम सुंदर गोयल ने सभी अतिथियों का मार्ल्यापण कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि को क्वांटम परिवार साहित्य गौरव सम्मान पत्र भेंट किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रांगण में काव्य पाठ के कार्यक्रम अब मुश्किल ही देखने को मिलता है, लेकिन क्वांटम की इस काव्यांजली ने मेरी यादों को फिर से जवान कर दिया है। कहा कि यहां के विद्यार्थियों में गजब की प्रतिभा है। विद्यार्थियों ने जिस हौंसले और मन से लोगों को सुना है वह तारीफ के काबिल है। प्रसिद्ध हास्य कवि अशोक चक्रधर ने काव्य पाठ किया कि क्यों नहीं जीते हो, इतनी क्यों पीते हो व जागो-जागो हिंदुस्तान, करता ये मलिक मनमानी के माध्यम से क्वांटम विश्वविद्यालय के प्रांगण में मौजूद सभी मंत्रमु़ग्ध किया। विवि के संस्थापक सदस्य श्याम सुंदर गोयल ने कहा कि क्वांटम विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ. सरिता शर्मा, राजेंद्र राजन, रामेंद्र मोहन त्रिपाठी ने भी काव्यपाठ किया।
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क्वांटम विश्वविद्यालय में साहित्या समारोह अभिव्यक्ति-2018 के आयोजन के मौके पर पश्चिम बंगाल के गर्वनर केसरी नाथ त्रिपाठी ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों के हौंसलों की तारीफ भी की।
मुख्य अतिथि और पश्चिम बंगाल के गवर्नर केसरी नाथ त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि अशोक च्रकधर ने मां शारदा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पहले विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य श्याम सुंदर गोयल ने सभी अतिथियों का मार्ल्यापण कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि को क्वांटम परिवार साहित्य गौरव सम्मान पत्र भेंट किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रांगण में काव्य पाठ के कार्यक्रम अब मुश्किल ही देखने को मिलता है, लेकिन क्वांटम की इस काव्यांजली ने मेरी यादों को फिर से जवान कर दिया है। कहा कि यहां के विद्यार्थियों में गजब की प्रतिभा है। विद्यार्थियों ने जिस हौंसले और मन से लोगों को सुना है वह तारीफ के काबिल है। प्रसिद्ध हास्य कवि अशोक चक्रधर ने काव्य पाठ किया कि क्यों नहीं जीते हो, इतनी क्यों पीते हो व जागो-जागो हिंदुस्तान, करता ये मलिक मनमानी के माध्यम से क्वांटम विश्वविद्यालय के प्रांगण में मौजूद सभी मंत्रमु़ग्ध किया। विवि के संस्थापक सदस्य श्याम सुंदर गोयल ने कहा कि क्वांटम विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ. सरिता शर्मा, राजेंद्र राजन, रामेंद्र मोहन त्रिपाठी ने भी काव्यपाठ किया।
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