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कर्मचारियों ने मार्च निकालकर जताया विरोध
Updated Sat, 04 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मांगों के समर्थन में उत्तराखंड शिक्षक, कार्मिक, आउटसोर्स मोर्चा से जुड़े कर्मचारियों ने शुक्रवार शाम भारी बारिश के बीच मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की 14 सूत्री मांगों को लेकर बिल्कुल गंभीरता नहीं दिखा रही है। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारी आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
शुक्रवार शाम को मोर्चा से जुड़े कर्मचारियों ने तेज बारिश के बीच धरनास्थल से कनक चौक होते हुए सुभाष रोड तिराहे तक मार्च निकाला। पहले कैंडल मार्च निकाला जाना था, लेकिन बारिश के कारण बिना कैंडल के मार्च निकला गया। मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से शिक्षकों को तीन एसीपी का लाभ देने, सातवें वेतन आयोग के भत्ते देने, सभी कर्मचारियों को 10, 16 और 26 वर्ष पर पदोन्नति के साथ सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ देने, बिजली कर्मचारियों को नौ, 14, 19 वर्ष पर पदोन्नति का लाभ देने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तीसरी एसीपी में 4200 रुपये ग्रेड देने, आउटसोर्सकर्मियों का न्यूनतम वेतनमान तय करते हुए सेवा नियमावली बनाने, तबादला एक्ट में महिलाओं को 55 के बजाय 50 और पुरुष को 55 के बजाय 52 साल में छूट का लाभ देने और पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
बाद में उन्होंने सीओ चंद्रमोहन सिंह नेगी को ज्ञापन सौंपा। मार्च में संयोजक सचिव रवि पचौरी, इंसारुल हक, चौधरी ओमवीर सिंह, अरुण पांडे, शक्ति प्रसाद भट्ट, अनिल मिश्रा, अंजू बडोला, रेनू लांबा, आरएस बिष्ट, राकेश ममर्गाइं, नंदकिशोर त्रिपाठी, विनोद कवि, दीपक चौहान, हेमंत रावत, कुशाग्र चमोली, संदीप शर्मा, बनवारी सिंह रावत, संतोष रावत, गजेंद्र कपिल समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
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मांगों के समर्थन में उत्तराखंड शिक्षक, कार्मिक, आउटसोर्स मोर्चा से जुड़े कर्मचारियों ने शुक्रवार शाम भारी बारिश के बीच मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की 14 सूत्री मांगों को लेकर बिल्कुल गंभीरता नहीं दिखा रही है। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारी आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
शुक्रवार शाम को मोर्चा से जुड़े कर्मचारियों ने तेज बारिश के बीच धरनास्थल से कनक चौक होते हुए सुभाष रोड तिराहे तक मार्च निकाला। पहले कैंडल मार्च निकाला जाना था, लेकिन बारिश के कारण बिना कैंडल के मार्च निकला गया। मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से शिक्षकों को तीन एसीपी का लाभ देने, सातवें वेतन आयोग के भत्ते देने, सभी कर्मचारियों को 10, 16 और 26 वर्ष पर पदोन्नति के साथ सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ देने, बिजली कर्मचारियों को नौ, 14, 19 वर्ष पर पदोन्नति का लाभ देने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तीसरी एसीपी में 4200 रुपये ग्रेड देने, आउटसोर्सकर्मियों का न्यूनतम वेतनमान तय करते हुए सेवा नियमावली बनाने, तबादला एक्ट में महिलाओं को 55 के बजाय 50 और पुरुष को 55 के बजाय 52 साल में छूट का लाभ देने और पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
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बाद में उन्होंने सीओ चंद्रमोहन सिंह नेगी को ज्ञापन सौंपा। मार्च में संयोजक सचिव रवि पचौरी, इंसारुल हक, चौधरी ओमवीर सिंह, अरुण पांडे, शक्ति प्रसाद भट्ट, अनिल मिश्रा, अंजू बडोला, रेनू लांबा, आरएस बिष्ट, राकेश ममर्गाइं, नंदकिशोर त्रिपाठी, विनोद कवि, दीपक चौहान, हेमंत रावत, कुशाग्र चमोली, संदीप शर्मा, बनवारी सिंह रावत, संतोष रावत, गजेंद्र कपिल समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
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