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30 घंटे बाद खुला यमुनोत्री हाईवे
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:08 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)।ओजरी डबरकोट में पहाड़ी से बोल्डरों की बरसात थमने पर करीब 30 घंटे बाद यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर लिया गया। हालांकि अब भी पहाड़ी से बोल्डर गिरने के खतरे को देखते हुए यमुनोत्री की ओर वाहनों को नहीं जाने दिया जा रहा है। तीर्थयात्री तिर्खली-कुंसाला होते हुए पैदल ही यमुनोत्री धाम की यात्रा करने को मजबूर हैं। बृहस्पतिवार को सड़क खुलने पर जानकीचट्टी की ओर फंसे वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।
बता दें कि भारी बारिश के बाद ओजरी-डबरकोट में हुए भूस्खलन के चलते यमुनोत्री हाईवे बुधवार सुबह आठ बजे बंद हो गया था। इससे मार्ग के दोनों ओर करीब 500 तीर्थयात्री अपने वाहनों सहित फंस गए थे। इस बीच एनएच कर्मचारियों द्वारा कई बार मार्ग खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन बुधवार को बिना बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डरों की बरसात जारी रहने से सभी प्रयास विफल हो गए। बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह फिर बारिश होने से और ज्यादा मलबा यहां आ गया था।
बृहस्पतिवार को मौसम खुलने के साथ ही पहाड़ी से पत्थरों की बरसात थमने पर एनएच के कर्मचारियों ने मशीनों से मलबा साफ करने का काम शुरू किया। दोपहर करीब ढाई बजे मलबा हटाकर यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर लिया गया। इसके बाद जानकीचट्टी की ओर फंसे वाहनों को तो सुरक्षित नीचे निकाला गया, लेकिन वाहनों को यमुनोत्री की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यात्री वाहनों को भूस्खलन से पहले ही रोक कर यात्रियों को तिर्खली कुंसाला होते हुए पैदल ही यमुनोत्री धाम की ओर भेजा जा रहा है।
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एसडीएम एवं यात्रा मजिस्ट्रेट ने भाग कर बचाई जान
बड़कोट। ओजरी डबरकोट स्लिप जोन में बिना बारिश के भी पहाड़ से बरस रहे बोल्डर खतरे का सबब बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को मौके पर मौजूद रहकर यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे एसडीएम बड़कोट पूरण सिंह राणा और यात्रा मजिस्ट्रेट तुषार सैनी को भी इस खतरे से दो चार होना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे जब ये दोनों अधिकारी सड़क का निरीक्षण कर रहे थे, तभी पहाड़ से भारी बोल्डर गिरने लगे। इन दोनों अधिकारियों ने भाग कर जान बचाई। इन हालात को देखते हुए फिलहाल यमुनोत्री की ओर जाने वाले यात्री वाहनों को ओजरी डबरकोट वाले हिस्से से नहीं जाने दिया जा रहा है। ब्यूरो
कोट.............
ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में बिना बरसात के भी पहड़ी से भारी बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। इस वजह से फिलहाल यात्री वाहनों को इस ओर रोक कर यात्रियों को पैदल ही यमुनोत्री की ओर भेजा जा रहा है। भूस्खलन का सिलसिला थमने पर यमुनोत्री की ओर भी यातायात चालू किया जाएगा।
-पूरण सिंह राणा, एसडीएम बड़कोट।
बॉक्स:---------------
एक घंटे बंद रहा गंगोत्री हाईवे
उत्तरकाशी। बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश के बाद धरासू बैंड के निकट भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे करीब एक घंटे तक बाधित रहा। जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे धरासू बैंड के निकट मलबा आ गया था, जिससे गंगोत्री हाईवे बाधित होने के साथ ही मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि मौके पर मौजूद बीआरओ के कर्मचारियों ने मशीनों की मदद से मलबा हटाकर करीब साढ़े नौ बजे यातायात बहाल कर दिया।
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बता दें कि भारी बारिश के बाद ओजरी-डबरकोट में हुए भूस्खलन के चलते यमुनोत्री हाईवे बुधवार सुबह आठ बजे बंद हो गया था। इससे मार्ग के दोनों ओर करीब 500 तीर्थयात्री अपने वाहनों सहित फंस गए थे। इस बीच एनएच कर्मचारियों द्वारा कई बार मार्ग खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन बुधवार को बिना बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डरों की बरसात जारी रहने से सभी प्रयास विफल हो गए। बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह फिर बारिश होने से और ज्यादा मलबा यहां आ गया था।
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बृहस्पतिवार को मौसम खुलने के साथ ही पहाड़ी से पत्थरों की बरसात थमने पर एनएच के कर्मचारियों ने मशीनों से मलबा साफ करने का काम शुरू किया। दोपहर करीब ढाई बजे मलबा हटाकर यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर लिया गया। इसके बाद जानकीचट्टी की ओर फंसे वाहनों को तो सुरक्षित नीचे निकाला गया, लेकिन वाहनों को यमुनोत्री की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यात्री वाहनों को भूस्खलन से पहले ही रोक कर यात्रियों को तिर्खली कुंसाला होते हुए पैदल ही यमुनोत्री धाम की ओर भेजा जा रहा है।
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एसडीएम एवं यात्रा मजिस्ट्रेट ने भाग कर बचाई जान
बड़कोट। ओजरी डबरकोट स्लिप जोन में बिना बारिश के भी पहाड़ से बरस रहे बोल्डर खतरे का सबब बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को मौके पर मौजूद रहकर यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे एसडीएम बड़कोट पूरण सिंह राणा और यात्रा मजिस्ट्रेट तुषार सैनी को भी इस खतरे से दो चार होना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे जब ये दोनों अधिकारी सड़क का निरीक्षण कर रहे थे, तभी पहाड़ से भारी बोल्डर गिरने लगे। इन दोनों अधिकारियों ने भाग कर जान बचाई। इन हालात को देखते हुए फिलहाल यमुनोत्री की ओर जाने वाले यात्री वाहनों को ओजरी डबरकोट वाले हिस्से से नहीं जाने दिया जा रहा है। ब्यूरो
कोट.............
ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में बिना बरसात के भी पहड़ी से भारी बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। इस वजह से फिलहाल यात्री वाहनों को इस ओर रोक कर यात्रियों को पैदल ही यमुनोत्री की ओर भेजा जा रहा है। भूस्खलन का सिलसिला थमने पर यमुनोत्री की ओर भी यातायात चालू किया जाएगा।
-पूरण सिंह राणा, एसडीएम बड़कोट।
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एक घंटे बंद रहा गंगोत्री हाईवे
उत्तरकाशी। बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश के बाद धरासू बैंड के निकट भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे करीब एक घंटे तक बाधित रहा। जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे धरासू बैंड के निकट मलबा आ गया था, जिससे गंगोत्री हाईवे बाधित होने के साथ ही मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि मौके पर मौजूद बीआरओ के कर्मचारियों ने मशीनों की मदद से मलबा हटाकर करीब साढ़े नौ बजे यातायात बहाल कर दिया।