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दून में शुरू हुआ फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स
Updated Thu, 07 Jun 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में पहली बार राज्य सरकार की ओर से पांच दिवसीय फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को रिंग रोड स्थित सूचना भवन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोर्स का शुभारंभ किया। पांच दिन तक चलने वाले इस कोर्स को भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान पुणे और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन उत्तराखंड समेत 11 राज्यों के 126 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने कहा कि फिल्म को मात्र मनोरंजन की दृष्टि से न देखा जाए, बल्कि कला और कौशलता के रूप में देखा जाए। कहा कि संस्थान अब तक देश के 20 जगहों पर इस तरह के 71 कोर्स करा चुका हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा रोजगार का एक मुख्य विकल्प बन सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि एफटीआई देवभूमि में एक बड़ा योगदान देने के विषय में विचार कर रहा है। जिससे प्रदेश फिल्मों की शूटिंग के लिए एक खूबसूरत स्थान बनकर उभरे। प्रदेश में हम कलाकारों के साथ फिल्म के लिए एक पूरी टीम तैयार करेंगे, जिससे मुंबई और अन्य जगहों से शूटिंग के लिए आने वालों लोगों को पूरे तामझाम के साथ नहीं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शूटिंग के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से नया राज्य है। इसके लिए राज्य को फिल्मी माहौल के अनुरूप बनाने के लिए इस तरह के कई कोर्स करने होंगे।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पांच दिवसीय कोर्स प्रतिभागियों के जीवन में एक कुशलता प्रदान करेगा। फिल्म की शूटिंग राज्य में छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए रोजगार के तौर पर सौगात लेकर आती है। प्रदेश में हुनर की कमी नहीं है, उसको बस एक अवसर देने की जरूरत है। आने वाले दिनों में उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग का एक अच्छा केंद्र बनेगा। कोर्स में विशेषज्ञों से प्रतिभागी सिनेमा के नए-नए आयाम सीखेेेंगे। कहा कि किसी भी गढ़वाली गीत का वीडियो देखो तो पता चलता है कि हमारा प्रदेश कितना खूबसूरत है। कहा कि यहां की प्रकृति और शांतिप्रिय माहौल शूटिंग में सहयोग करता है।
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भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने बताया कि पांच दिवसीय कार्यशाला के बाद अल्मोड़ा और टिहरी में भी ऐसे कोर्स कराए जाएंगे। देहरादून में जुलाई में पटकथा लेखन कोर्स भी कराया जाएगा। साथ ही अभिनय, डिजिटल छायांकन, डिजिटल फिल्म प्रोडक्शन, टीवी धारावाहिक के लिए काल्पनिक लेखन, स्टिल फोटोग्राफी कोर्स के साथ ही छोटे बच्चों के लिए फिल्म मेकिंग और अभिनय से जुड़े कोर्स तैयार किए गए हैं। पांच दिन तक चलने वाले कोर्स में प्रदेश के विभिन्न जगहों से 91 जबकि आसपास के राज्यों से 35 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर सूचना निदेशक पंकज पांडेय, रमेश भट्ट, एसोसिएट डायरेक्टर पंकज सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश में पहली बार राज्य सरकार की ओर से पांच दिवसीय फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को रिंग रोड स्थित सूचना भवन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोर्स का शुभारंभ किया। पांच दिन तक चलने वाले इस कोर्स को भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान पुणे और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन उत्तराखंड समेत 11 राज्यों के 126 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने कहा कि फिल्म को मात्र मनोरंजन की दृष्टि से न देखा जाए, बल्कि कला और कौशलता के रूप में देखा जाए। कहा कि संस्थान अब तक देश के 20 जगहों पर इस तरह के 71 कोर्स करा चुका हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा रोजगार का एक मुख्य विकल्प बन सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि एफटीआई देवभूमि में एक बड़ा योगदान देने के विषय में विचार कर रहा है। जिससे प्रदेश फिल्मों की शूटिंग के लिए एक खूबसूरत स्थान बनकर उभरे। प्रदेश में हम कलाकारों के साथ फिल्म के लिए एक पूरी टीम तैयार करेंगे, जिससे मुंबई और अन्य जगहों से शूटिंग के लिए आने वालों लोगों को पूरे तामझाम के साथ नहीं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शूटिंग के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से नया राज्य है। इसके लिए राज्य को फिल्मी माहौल के अनुरूप बनाने के लिए इस तरह के कई कोर्स करने होंगे।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पांच दिवसीय कोर्स प्रतिभागियों के जीवन में एक कुशलता प्रदान करेगा। फिल्म की शूटिंग राज्य में छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए रोजगार के तौर पर सौगात लेकर आती है। प्रदेश में हुनर की कमी नहीं है, उसको बस एक अवसर देने की जरूरत है। आने वाले दिनों में उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग का एक अच्छा केंद्र बनेगा। कोर्स में विशेषज्ञों से प्रतिभागी सिनेमा के नए-नए आयाम सीखेेेंगे। कहा कि किसी भी गढ़वाली गीत का वीडियो देखो तो पता चलता है कि हमारा प्रदेश कितना खूबसूरत है। कहा कि यहां की प्रकृति और शांतिप्रिय माहौल शूटिंग में सहयोग करता है।
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भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने बताया कि पांच दिवसीय कार्यशाला के बाद अल्मोड़ा और टिहरी में भी ऐसे कोर्स कराए जाएंगे। देहरादून में जुलाई में पटकथा लेखन कोर्स भी कराया जाएगा। साथ ही अभिनय, डिजिटल छायांकन, डिजिटल फिल्म प्रोडक्शन, टीवी धारावाहिक के लिए काल्पनिक लेखन, स्टिल फोटोग्राफी कोर्स के साथ ही छोटे बच्चों के लिए फिल्म मेकिंग और अभिनय से जुड़े कोर्स तैयार किए गए हैं। पांच दिन तक चलने वाले कोर्स में प्रदेश के विभिन्न जगहों से 91 जबकि आसपास के राज्यों से 35 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर सूचना निदेशक पंकज पांडेय, रमेश भट्ट, एसोसिएट डायरेक्टर पंकज सक्सेना आदि मौजूद रहे।